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Press Release – Jindal Global Law School Wins the 2017 Herbert Smith Freehills Community Engagement Award

Jindal Global Law School Wins the 2017 Herbert Smith Freehills Community Engagement Award

The ‘Legal Aid Clinic’ of Jindal Global Law School recognized for social impact initiatives

New Delhi, August 28, 2017: The Legal Aid Clinic of Jindal Global Law School (JGLS), O.P. Jindal Global University has won the 2017 Herbert Smith Freehills’ Community Engagement Award for Community Investment through Legal Work along with a cash prize of £2,000. The award recognises the outstanding team of law students at JGLS who worked closely with the community at large to bring sustainable social impact.

The awards programme invited entries from individuals or teams of students across all Indian law schools to showcase the contributions they are making in their communities. The two main categories included: community investment through legal work and community contribution through volunteering. Entries were judged on the basis of four key parameters including, social impact, project sustainability, innovation and presentation.

For community investment through legal work category, the shortlisted institutions included Legal Aid Clinic of Jindal Global Law School, Legal Services Clinic of National Law School of India University (NLSIU) Bangalore, Antashchetana of Chanakya National Law University Patna. Apart from the shortlisted entries, various other institutions had also submitted their entries, including the Legal Aid and Awareness Committee of National Law University Jodhpur, ODRways – a tech initiative of NUJS.

Congratulating student and faculty members on winning the prestigious community engagement award, JGU Vice-Chancellor, Professor (Dr) C Raj Kumar, said, “This extraordinary achievement recognises the outstanding work of the faculty members and students of Jindal Global Law School in the cause of legal empowerment and social justice. The Herbert Smith Freehills’ Community Engagement Award is testament to the passion, commitment and dedication of our students and faculty to seek social change and contribute to social engineering through law and its instrumentalities.”

Lauding the efforts of JGLS faculty and students, Chris Parsons, Chairman of Herbert Smith Freehills’ India Practice, commented "The fact that the legal aid clinic from JGLS has won the second edition of the Herbert Smith Freehills’ Community Engagement Awards gives me especial pleasure. I have watched JGLS grow from little more than a bold dream into one of the leading law schools in India. Apart from its strong focus on social causes it also produces exceptional lawyers. Two of its talented students joined the HSF Indian internship programme this year and impressed so much that they will be joining the firm full time as trainee lawyers in London."

Sushant Chandra, Assistant Professor and Assistant Director of the Legal Aid Clinic at JGLS, said, “The award is a huge testimony reflecting social commitment of our students to usher in social and economic justice in the society. The student members at the Legal Aid Clinic have helped in drafting PILs, setting up legal literacy camps, filing RTI applications and directly work with the communities around campus.”

The Legal Aid Clinic at JGLS has been spearheading different initiatives related to access to education, health, strengthening access to information and creating awareness through various legal awareness camps. The Right to Education initiative has already helped many children from economically weaker section in accessing to quality education.

The Herbert Smith Freehills’ Community Engagement Awards recognises and champions meaningful and high impact community engagement activity led by law students in India who are trying to bring sustainable social impact in the community by using their legal knowledge.

The formal award ceremony will be held on 7th September, 2017 at New Delhi.

About Herbert Smith Freehills:

Herbert Smith Freehills is one of the world’s leading professional services businesses, bringing together the best people across 26 offices, to meet all legal services needs globally. Herbert Smith Freehills engages with various Indian law schools, across several fronts. As a firm, they have been keen on contributing to the social space in India. The firm believes that volunteering helps to develop well-rounded individuals and helps law students develop the ability to communicate and work with a diverse range of people. This benefits the students’ communities and also helps to identify the types of high calibre candidates that they aim to recruit.

About Jindal Global Law School:

Located in the vibrant National Capital Region, Jindal Global Law School (JGLS), part of O.P. Jindal Global University (JGU), imparts a rigorous and multi-disciplinary legal education with a view to producing world-class legal professionals, scholars, and public servants. JGLS empowers its students with knowledge, skills, and vision to meet the challenges and opportunities of a rapidly changing world.

The Schools expert faculty comes from across the globe and engages in critical scholarship that contributes to public debates both in India and abroad. Research centres at JGLS have been established to inject new ideas into cutting edge issues of law and policy ranging from womens rights to international trade. To facilitate learning and research, JGLS has entered into collaborations, exchange programmes, and research partnerships with elite universities and institutions from across the globe.

डेरा सच्चा सौदा के छापे में मिले गैरकानूनी हथियार, राम रहीम की थी पर्सनल आर्मी

सीबीआई कोर्ट की ओर से साध्वी से रेप मामले में आरोपी करार दिए गए डेरा सच्चा प्रमुख बाबा राम रहीम के काले कारनामों का एक-एक कर खुलासा हो रहा है. फैसले के बाद शुक्रवार को उनके समर्थकों ने हरियाणा-पंजाब समेत देश के कई हिस्सों में जमकर बवाल काटा. बड़े पैमाने पर सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया. हिंसा में 32 मौतें भी हुई.

इस बीच प्रशासनिक कारवाईयों में डेरा समर्थकों के पास से भारी मात्रा में हथियार बरामद होने का मामला सामने आ रहा है. इनमें एके 47/राइफल जैसे हथियार शामिल हैं.

जानकारी के मुताबिक़ बाबा के तमाम आश्रमों में घातक हथियार मिले हैं. बाबा आश्रमों में अपनी समानांतर सेना रखता था. हालांकि बाबा की ऐसी हरकतों को लेकर आज से सात साल पहले ही सेना ने इस ओर ध्यान दिला दिया था. बता दें कि एके 47 जैसा हथियार सिविलियन को रखने की अनुमति नहीं है.

राम रहीम के आश्रमों में विस्फोटक भी मिला
डीजीपी हरियाणा ने बताया कि डेरा समर्थकों के पास से कई तरह के खतरनाक हथियार बरामद हुए हैं. इनमें एके 47 के अलावा कारतूस, पेट्रोल बम भी शामिल हैं. करनाल में एक डेरे पर कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक भी बरामद हुआ. करीब सात साल पहले बाबा राम रहीम की गतिविधियों को लेकर सेना ने हथियारों की ट्रेनिंग से जुड़ी एडवाइजरी जारी की थी. तब हरियाणा सरकार ने इस पर ध्यान नहीं दिया.

क्या था सेना की एडवाइजरी में ?
सेना ने ये एडवाइजरी दिसंबर 2000 में जारी की थी. डेरा पर हथियारों की ट्रेनिंग का आरोप लगा था. रिपोर्ट्स के मुताबिक़ तब इस मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने एक नोटिस जारी कर हरियाणा सरकार से अवैध हथियारों की मौजूदगी और ट्रेनिंग के मामले की पूरी जानकारी मांगी थी. हालांकि सरकार ने पूरे मामले में डेरा को क्लीन चिट देकर अपनी रिपोर्ट सौंप दी.

डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम के समर्थकों ने मचाया तांडव

डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को रेप केस में दोषी करार दिया गया है. सीबीआई कोर्ट 28 अगस्त को राम रहीम की सजा पर सुनवाई करेगी. राम रहीम को दोषी करार देते ही उनके समर्थक बेकाबू हो गए हैं. तोड़फोड़ और आगजनी कर रहे हैं. पुलिस और डेरा समर्थकों के बीच हुई हिंसा में 3 लोगों की मौत हो गई है. समर्थकों ने मीडिया पर भी हमला बोल दिया है. मीडिया की टीम पर हमले के साथ ही ओवी वैन तोड़ दी गई है. पंचकूला में सेना फ्लैग मार्च कर रही है.

डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम के समर्थकों ने मचाया तांडव
– सिरसा में पांच जगहों पर हिंसा की खबर, SWAT और RAF की टीम मौके पर पहुंची.

– पंजाब के संघरुर के शुलार इलाके में तहसील ऑफिस पर डेरा समर्थकों का तांडव

– पंजाब के मोंगा के दगरु रेलवे स्टेशन पर डेरा समर्थकों का हंगामा, पुलिस ने संभाला मोर्चा

– पंचकूला, बठिंडा और फिरोजपुर में कर्फ्यू लगाया गया.

– डेरा समर्थकों को काबू में करने के लिए हवाई फायरिंग कर रही है पुलिस, आंसू गैस के गोले दागे

– पंचकूला में इनकटैक्स का ऑफिस आग के हवाले किया.

– मनसा में डेरा समर्थकों ने दो वैन में आग लगा दी है.

– पंचकूला और सिरसा में आज तक की टीम पर डेरा समर्थकों का हमला.

बाबा समर्थक हुए उग्र, कर्फ्यू, आगजनी के बीच सेना ने संभाला मोर्चा

डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को साध्वी से यौन शोषण का दोषी करार दिया गया है. कोर्ट 28 अगस्त को उनकी सजा पर सुनवाई करेगा. इसके बाद पुलिस हिरासत में राम रहीम को सीधे कोर्ट से जेल ले जाया जा रहा है. राम रहीम को दोषी करार देते ही उनके समर्थक बेकाबू हो गए हैं. तोड़फोड़ और आगजनी कर रहे हैं.

हालात को देखते हुए पंचकूला में सेना फ्लैग मार्च कर रही है. इसके बीच मनसा में डेरा समर्थकों ने दो वैन में आग लगा दी है.

डेरा समर्थकों का आक्रोश देखते हुए पुलिस ने उन पर आंसू गैस के गोले दागे हैं. कुछ जगहों पर डेरा समर्थकों ने पुलिस के जवानों को खदेड़ा भी है. बेकाबू भीड़ ने पंजाब में भी दो रेलवे स्टेशनों में आगजनी की वारदात को अंजाम दिया. पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है.

#RamRahimSingh फैसले के बाद उपद्रव शुरू, मीडिया पर ह मला, स्टेशन पर आग, शहरों में कर्फ़्यू

डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम को साध्वी से यौन शोषण का दोषी करार दिया गया है | कोर्ट 28 अगस्त को उनकी सजा पर सुनवाई करेगा | इसके बाद पुलिस हिरासत में राम रहीम को सीधे कोर्ट से जेल ले जाया जा रहा है | राम रहीम को दोषी करार देते ही उनके समर्थक बेकाबू हो गए हैं | उपद्रवियों ने पंजाब में दो रेलवे स्टेशन्स पर आग लगाई | पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ के बाद समर्थकों ने मीडिया पर भी हमला बोल दिया है | सिरसा में कर्फ्यू की मियाद बढ़ाई गई, सरकार ने सेना को सतर्क किया गया।

सीबीआई कोर्ट ने राम रहीम को माना दोषी, 28 को स ुनाएगी सजा

यौन शोषण मामले में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर पंचकूला की सीबीआई कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया. कोर्ट ने राम रहीम को दोषी करार दिया है. कोर्ट सजा का ऐलान 28 अगस्त को करेगा. राम रहीम पिछले दरवाजे से कोर्ट पहुंचे.

सुरक्षा को देखते हुए सिरसा में कर्फ्यू लगा दिया गया है. वहीं राम रहीम के समर्थक पूरे रूट पर रोड के किनारे खड़े हैं, कई जगह तो महिलाएं भी लाठी लेकर तैनात हैं.

पुरे देश में 4 सीटों पर चले रहे हैं उपचुनाव, दिल्ली के बवाना उपचुनाव पर टिकी हैं सबकी निगा हें

देश के 3 राज्यों में 4 विधानसभा सीटों पर आज उपचुनाव हो रहे हैं | दरसल चार सीटों में दो सीटों पर पूरे देश की नजर रहेगी | इनमें दिल्ली की बवाना और गोवा की पणजी सीट शामिल है | साथ ही आज आंध्र प्रदेश में नंदयाल, गोवा में पणजी व वालपोई और दिल्ली में बवाना विधानसभा सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं | 2 बजे तक दिल्ली की बवाना सीट पर लगभग 38 फीसदी वोट डाले जा चुके हैं, इन उपचुनावों के नतीजे 28 अगस्त को आएंगे | .

सभी पार्टी की बवाना पर निगाहें
दिल्ली की बवाना विधानसभा सीट पर उपचुनाव में सीधे तौर पर आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी के बीच टक्कर है | आम आदमी पार्टी के विधायक वेद प्रकाश के इस्तीफे के बाद यह सीट खाली हुई थी | वेद प्रकाश अब बीजेपी में शामिल हो गए हैं. जिसके बाद इस विधानसभा सभा सीट पर आप पार्टी ने रामचंद्र को मैदान में उतारा है, वहीं कांग्रेस की ओर से सुरेंद्र कुमार चुनाव लड़ रहे हैं |हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव और निगम चुनावों में आम आदमी पार्टी के लिए उम्मीदों के मुताबिक नतीजे नहीं आ पाए थे. आप इस चुनाव के जरिए एक बार फिर वापसी की उम्मीद करेगी.

3 तलाक खत्म, असवैधानिक करार दिया सुप्रीम क ोर्ट

नई दिल्ली बेहद लम्बे समय से प्रतीक्षित तीन तलाक मुद्दे पर आखिर में माननीय उच्चतम न्यायालय का फैसला आ ही गया ही गया . वो फैसला जो कई महिलाओं के जीवन से जुड़ा था . वो फैसला जो मानवता के हित से जुड़ा था .. उस पर बेहद संजीदगी और संतुलन दिखते हुए भारत की उच्चतम न्यायालय ने आखिर में अपना बहुपतीक्षित फैसला दे ही दिया ..

कांग्रेस के नामी वकील कपिल सिब्बल के लाख प्रयासों के बाद भी आखिर में सुप्रीम कोर्ट ने सीधे सीधे मोदी सरकार को आदेश दिया है कि वो मात्र ६ माह में एक कडा कानून इस प्रथा को खत्म करने के लिए बनाएं जिसमे मात्र ३ शब्दों में किसी की जिंदगी तबाह होने के कगार पर आ जाती है . साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस तीन तलाक को ६ माह के लिए निरस्त कर दिया है .

भाजपा सरकार के वकील का इस मामले में सीधा रुख था कि ये तीन तलाक प्रथा मुस्लिम महिलाओं के लिए एक बेहद ही एकपक्षीय पीड़ा देने वाली प्रथा है जिस पर फ़ौरन रोक लगे जिसका कांग्रेस पार्टी के नामी वकील कपिल सिब्बल ने व्यापक विरोध किया पर अंततः तमाम महिलाओं के जीवन को ध्यान में रखते हुए माननीय न्यायालय ने सरकार की व् पीड़िताओं की दलील को स्वीकार किया और ६ माह के लिए तीन तलाक को निरस्त करते हुए मोदी सरकार से इस के खिलाफ जल्द से जल्द कठोर क़ानून लाने की मांग की है