Daily Archive: July 8, 2017

होम बायर्स मुद्दे पर नेफोवा के पदाधिकारी मिले नोएडा ऑथोरिटी अध्यक्ष आलोक सिन्हा से

(08/07/2017)

आज होम बायर्स के मुद्दे को लेकर नेफोवा के पदाधिकारी प्रिंसिपल सेक्रेटरी, इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (यूपी) तथा नोएडा ऑथोरिटी के अध्यक्ष श्री आलोक सिन्हा से मिले।

अभी कुछ दिनों पूर्व नोएडा ऑथोरिटी के सीईओ श्री अमित मोहन जी की अध्यक्षता में आम्रपाली सफायर के होम बायर्स के साथ मीटिंग हुई थी, जिसके बाद ऑथोरिटी द्वारा भेजी गई मिनट्स ऑफ मीटिंग को लेकर होम बायर्स सकते में थे, क्योंकि इसमें नोएडा ऑथोरिटी के सीईओ की तरफ से बयान था कि आम्रपाली ग्रुप ने पैसे की कमी का हवाला देते हुए अपने हाथ खड़े कर दिए हैं। यह बात जब आज नेफोवा टीम ने प्रिंसिपल सेक्रेटरी, इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट (यूपी) तथा नोएडा ऑथोरिटी के अध्यक्ष श्री आलोक सिन्हा से मिलकर उनके सामने रखी, तो उन्होंने इस बात का संज्ञान लेते हुए स्पष्ट किया कि मिनट्स ऑफ मीटिंग जोकि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, वह प्राधिकरण की तरफ से नही दिया गया है और न ही सीईओ अमित मोहन जी की तरफ से ऐसी कोई बात कही गई है।

नेफोवा की टीम ने जब आम्रपाली और सुपरटेक जैसे तमाम कई बिल्डरों द्वारा निर्माण कार्य अभी तक शुरू नही किये जाने की शिकायत श्री आलोक सिन्हा से की, तो उनका जवाब था कि सरकार और प्राधिकरण का रूख बिल्डरों को लेकर सख्त है और जल्द ही ग्राउंड पर नतीजे दिखने शुरू होंगें।

नेफोवा ने ये भी आरोप लगाया कि आम्रपाली, सुपरटेक सहित कई बिल्डर बिना cc/oc के पोजेसन दे रहे हैं। साथ ही नेफोवा ने प्राधिकरण पर बिना कोई जांच किये बिल्डर को cc/oc दिए जाने पर आपत्ति जताई। नेफोवा ने कहा कि बिल्डर को cc/oc दिए जाने से पहले ये जांच की जानी चाहिए कि एग्रीमेंट के मुताबिक सारी सुविधायें मुहैया कराई गई है या नही । इसपर श्री सिन्हा ने आश्वासन दिया कि बिना cc/oc के कोई भी बिल्डर पोजेसन देता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। साथ ही बिना जांच के किसी भी बिल्डर को cc/oc नही दिया जाएगा।

नेफोवा ने श्री आलोक सिन्हा के सामने अगला मुद्दा रजिस्ट्री शुल्क का रखते हुए बताया कि जिन लोगो को सात साल आठ साल पहले घर बुक करने के बाद अब जाकर घर मिल रहा है , उनसे सात आठ साल पहले जो रजिस्ट्री शुल्क था, उसी दर पर रजिस्ट्री की अनुमति दी जाए। क्योंकि पोजेसन में देरी के लिए होम बायर कही से जिम्मेदार नही है तो इसका खामियाजा वे क्यों भुगते। इस मुद्दे को श्री आलोक सिन्हा ने गंभीरता से लेते हुए आश्वासन दिया कि इस पर प्राधिकरण सम्बंधित विभाग के सामने हमारा पक्ष रखेगी।
रियल एस्टेट बिल को लेकर भी श्री सिन्हा ने बताया कि सरकार बिल को लेकर वचनबद्ध है और आगामी एक अगस्त से बिल पूरे राज्य भर में प्रभावी हो जाएगा।

नेफोवा की तरफ से अध्यक्ष अभिषेक कुमार, महासचिव श्वेता भारती और को फाउंडर इंद्रिश गुप्ता मीटिंग में शामिल हुए।