Daily Archive: March 10, 2017

क्या किंग मेकर बनेगी बसपा?

> चन्द्रपाल प्रजापति
>
> एग्जिट पोल के नतीजों ने यूपी के सियासी गणित की गुत्‍थी सुलझाने के बजाय उलझा दिया है। ज्‍यादातर पोल ने यह तो दिखाया कि यूपी में बीजेपी के नंबर वन पार्टी बनने के आसार हैं लेकिन साथ ही ये आंकड़े बताते हैं कि वह बहुमत के जादुई आंकड़े तक शायद पूरी तरह से कामयाब नहीं हो पाए। बस यहीं से यूपी की सियासत के 360 डिग्री घूमने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। इसके बीच यूपी से एक बड़ी खबर यह आ रही है कि अखिलेश ने चुनाव के बाद बसपा से गठबंधन की संभावना से इनकार नहीं किया है। बीबीसी हिंदी से बातचीत करने के दौरान अखिलेश यादव ने यह बात कही। यानी एक दूसरे को ‘बुआ’ और ‘बबुआ’ कहने वाले अखिलेश यादव और मायावती एक दूसरे के साथ गठबंधन कर सकते हैं। हालांकि बसपा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि वह चुनाव नतीजों के बाद जरूरत के आधार पर अपना फैसला करेंगे। एग्जिट पोल के अनुमानों के बीच सपा-बसपा के संभावित गठबंधन की चर्चाओं पर अमर सिंह ने कहा है कि सपा और बसपा नदी के ऐसे दो किनारे हैं जो साथ बह तो सकते हैं लेकिन मिल नहीं सकते।
> 1993 में बीजेपी को सत्ता से बाहर करने के लिए समाजवादी पार्टी प्रमुख मुलायम सिंह यादव और बसपा प्रमुख कांशीराम ने गठजोड़ किया था. उस समय उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश का हिस्सा था और कुल सीट थीं 422, मुलायम 256 सीट पर लड़े और बीएसपी को 164 सीट दी थीं। चुनाव में सपा और बसपा गठबंधन जीता। एसपी को 109 और बीएसपी को 67 सीट मिली थीं इसके बाद मुलायम सिंह यादव बीएसपी के समर्थन से मुख्यमंत्री बने। लेकिन, आपसी मनमुटाव के चलते 2 जून, 1995 को बसपा ने सरकार से समर्थन वापस ले लिया और समर्थन वापसी की घोषणा कर दी। भारत की राजनीति मे कलंक गेस्ट हाउस कांड के बाद ये मनमुटाव की खाई और गहरी हो गयी।
> अब मौजूदा परिदृश्‍य में सबकी निगाहें 11 मार्च के चुनावी नतीजों पर लगी है। दरअसल यूपी में स्‍पष्‍ट बहुमत नहीं मिलने की दशा में भाजपा के पास विकल्‍प सीमित होंगे? उसको भी समर्थन के लिए मायावती की तरफ देखना होगा? वहीं सपा और बसपा का गठजोड़ एक बार फिर बीजेपी को सियासत के बियाबान में धकेल देगा। कुल मिलाकर इन परिस्थितियों में सत्‍ता की चाबी ‘किंग मेकर’ मायावती के पास होगी। हालांकि मायावती का इतिहास यह बताता है कि वह समर्थन देने में बहुत उदार नहीं रही हैं और उनकी शर्तें सपा और बीजेपी के लिए कठिन चुनौती साबित होगी। लेकिन यदि एक्जिट पोल की मानें तो यदि बसपा तीसरी ताकत ही बन पाती है तो 2019 के लोकसभा चुनावों को देखते हुए मायावती किस तरफ का रुख करेंगी, यह चुनाव नतीजों के बाद ही तय होगा।

Arrest warrant issued against BJP MP Babul Supriyo

Kolkata, March 10 (IANS) A city court on Friday issued an arrest warrant against BJP MP and Union Minister Babul Supriyo in connection with a complaint lodged against him by a Trinamool Congress MLA for allegedly insulting her on TV, police said.

“A bailable arrest warrant was issued against Supriyo by the Alipore court on Friday under IPC 509 (Word, gesture or act intended to insult the modesty of a woman),” Joint commissioner of police Vishal Garg said.

A charge sheet was filed against Supriyo on Thursday by the Kolkata police based on the complaint lodged by female Trinamool Congress MLA Mahua Moitra that Supriyo made derogatory comments about her name with an intent to insult her.

The central Minister of State for Heavy Industries and Public Enterprises was summoned thrice earlier by the Kolkata police in connection with the case but failed to appear due to prior engagements, police said.

The Trinamool leader lodged police complaint against Supriyo for allegedly insulting her modesty twice on national television.

“During my speech, Babul Supriyo asked ‘Mahua, are you on mahua’ (Mahua are you inebriated). He asked me twice on a national television,” she said.

UTTAR PRADESH ASSEMBLY ELECTION – LIKELY RESULTS SEATWISE FOR 403 SEATS

विभिन्न एक्जिट पोल के नतीजों के माध्यम से हुए मंथन में प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर हर सीट से कौन सी पार्टी जीत रही है, ये विस्तार से पढें। हालांकि ये केवल और केवल अनुमान है असली निर्णय 11 मार्च को होना है।
1. बेहट- कांग्रेस
2. नकुड़- कांग्रेस
3. सहारनपुर- बीजेपी
4. सहारनपुर ग्रामीण- कांग्रेस
5. देवबंद- बीजेपी
6. रामपुर मनीहारन (सु)- बसपा
7. गंगोह- बीजेपी
8. कैराना- सपा
9. थाना भवन- बीजेपी
10. शामली- बीजेपी V/s रालोद
11. बुढ़ाना- बीजेपी V/s सपा
12. चरथावल- बीजेपी
13. पुरकाजी (सु)- बीजेपी
14. मुजफ्फनगर- सपा V/s बीजेपी
15. खतौली- बीजेपी
16. मीरपुर- बीजेपी V/s रालोद
17. नजीबाबाद- बीजेपी-सपा
18. नगीना (सु)- बीजेपी-सपा
19. बरहापुर- कांग्रेस
20. धामपुर- बीजेपी-सपा
21. नेहटौर (सु)- सपा-बसपा
22. बिजनौर- बीजेपी
23. चांदपुर-भाजपा- बसपा
24. नूरपुर-भाजपा- बसपा
25. कांठ- सपा
26. ठाकुरद्वारा- बीजेपी
27. मुरादाबाद ग्रामीण- सपा
28. मुरादाबाद नगर- सपा
29. कुंदरकी- बीजेपी
30. बिलारी- सपा
31. चंदौसी (सु)- बीजेपी
32. असमोली-भाजपा- सपा
33. संभल- बीजेपी
34. स्वार-भाजपा- बसपा
35. चमरौव्वा-सपा- बसपा
36. विलासपुर- कांग्रेस
37. रामपुर- सपा
38. मिलक (सु)- सपा
39. धनौरा (सु)- बीजेपी
40. नौगवान सादत- बीजेपी
41. अमरोहा-सपा- बसपा
42. हसनपुर- बीजेपी- सपा
43. सिवालखास- बीजेपी
44. सरधना- बीजेपी
45. हस्तिनापुर (सु)- बीजेपी
46. पिठौर- सपा
47. मेरठ कैंट- बीजेपी
48. मेरठ- कांग्रेस
49. मेरठ दक्षिण- बसपा
50. छपरौली- रालोद
51. बड़ौत- बीजेपी
52. बागपत- बीजेपी
53. लोनी- बसपा-रालोद
54. मुरादनगर- बीजेपी
55. साहिबाबाद- बीजेपी
56. गाजियाबाद- बीजेपी
57. मोदीनगर- बीजेपी
58. धौलाना- बसपा
59. हापुड़ (सु)- कांग्रेस
60. गढ़मुक्तेश्वर- बीजेपी
61. नोएडा- बीजेपी
62. दादरी- बीजेपी-बसपा
63. जेवर- बसपा
64. सिकंदराबाद- बीजेपी-बसपा
65. बुलंदशहर- बीजेपी
66. स्याना- बीजेपी-बसपा
67. अनूपशहर- बीजेपी
68. डिबाई- बीजेपी-सपा
69. शिकारपुर- बीजेपी
70. खुर्जा (सु)- बीजेपी
71. खैर (सु)- बीजेपी-रालोद
72. बरौली- बीजेपी
73. अतरौली- बीजेपी-सपा
74. छर्रा- बीजेपी
75. कोइल- बीजेपी
76. अलीगढ़- बीजेपी-सपा
77. इगलास (सु)- बीजेपी
78. हाथरस (सु)- बीजेपी
79. सादाबाद- बसपा
80. सिकंदराऊ- बीजेपी-सपा
81. छाता- बीजेपी
82. मांट- रालोद
83. गोबर्धन- बसपा-रालोद
84. मथुरा- बीजेपी
85. बलदेव (सु)- रालोद
86. ऐतमादपुर- बसपा
87. आगरा कैंट (सु)- सपा
88. आगरा दक्षिण- बीजेपी
89. आगरा उत्तर- बीजेपी
90. आगरा ग्रामीण (सु)- बीजेपी
91. फतेहपुर सीकरी-बसपा- रालोद
92. खैरागढ़- बीजेपी
93. फतेहाबाद- सपा
94. बाह- बीजेपी
95. टुंडला- बीजेपी
96. जसराना- बीजेपी- सपा
97. फिरोजाबाद- बीजेपी
98. शिकोहाबाद- बीजेपी-सपा
99. सिरसागंज- बीजेपी-सपा
100. कासगंज- बीजेपी
101. अमनपुर- बीजेपी
102. पटियाली- बीजेपी-सपा
103. अलीगंज- बीजेपी-बसपा
104. एटा- बीजेपी
105. मरहारा- बीजेपी
106. जलेसर (सु)- बीजेपी
107. मैनपुरी- सपा
108. भोगांव- बीजेपी
109. किशनी (सु)- सपा
110. करहल- सपा
111. गुन्नौर- बीजेपी
112. बिसौली (सु)- सपा
113. सहसवान- सपा
114. बिलसी- बीजेपी
115. बदायूं- बीजेपी
116. शेखूपुर- बसपा
117. दातागंज- बसपा
118. बहेड़ी- बीजेपी
119. मीरगंज- बसपा
120. भोजीपुरा- सपा
121. नवाबगंज- बीजेपी
122. फरीदपुर (सु)- बीजेपी
123. भिटारी चैनपुर- सपा
124. बरेली- बीजेपी
125. बरेली कैंट- कांग्रेस
126. आंवला- सपा
127. पीलीभीत- सपा
128. बरखेड़ा- बसपा
129. पूरनपुर (सु)- बीजेपी
130. बीसलपुर- सपा
131. कटरा- बीजेपी
132. जलालाबाद- सपा
133. तिलहर- सपा
134. पोयावां (सु)- बीजेपी
135. शाहजहांपुर- बीजेपी
136. ददरौल- सपा
137. पलिया- बीजेपी
138. निंघासन- बीजेपी
139. गोला गोकर्णनाथ- बीजेपी
140. श्रीनगर (सु)- बीजेपी-बसपा
141. धौरहरा- सपा
142. लखीमपुर- सपा
143. कास्ता (सु)- बीजेपी-सपा
144. मोहम्मदी- बीजेपी
145. महोली- सपा
146. सीतापुर- बीजेपी
147. हरगांव (सु)- बसपा
148. लहरपुर- बसपा
149. बिसवां- बसपा
150. सेवता- बीजेपी
151. महमूदाबाद- सपा
152. सिधौली (सु)- बसपा
153. मिश्रिख (सु)- बीजेपी
154. स्वाजीपुर- बीजेपी-सपा
155. शाहाबाद-बीजेपी
156. हरदोई- सपा
157. गोपामऊ (सु)- बीजेपी
158. सांडी (सु)- बीजेपी
159. बिलग्राम मालवां- बीजेपी
160. बालामऊ (सु)- बीजेपी
161. संडीला- बीजेपी- सपा
162. बांगरमऊ- बीजेपी
163. सफीपुर (सु)- सपा-बसपा
164. मोहान (सु)- बसपा
165. उन्नाव- बीजेपी-सपा
166. भगवन्तनगर- बीजेपी
167. पुरवा- सपा
168. मलीहाबाद (सु)- सपा
169. बक्शी का तालाब- बीजेपी
170. सरोजनीनगर- सपा
171. लखनऊ पश्चिम- बीजेपी
172. लखनऊ उत्तर- बीजेपी
173. लखनऊ पूर्व- बीजेपी
174. लखनऊ मध्य- बीजेपी
175. लखनऊ कैंट- बीजेपी
176. मोहनलालगंज (सु)- बीएस4
177. बछरावां (सु)- बीजेपी
178. तिलोई- बीजेपी
179. हरचन्दपुर- बीजेपी
180. रायबरेली- कांग्रेस
181. सलोन (सु)- बीजेपी-सपा-निर्दल
182. सरेनी- बीजेपी
183. ऊंचाहार- कांग्रेस
184. जगदीशपुर (सु)- बीजेपी-बसपा
185. गौरीगंज- कांग्रेस
186. अमेठी- बीजेपी
187. इसौली- बीजेपी-सपा
188. सुलतानपुर- बीजेपी
189. सदर- सपा-बसपा
190. लंभुआ- बीजेपी-बसपा
191. कादीपुर (सु)- बीजेपी
192. कायमगंज (सु)- बीजेपी
193. अमृतपुर- सपा
194. फर्रुखाबाद- बीजेपी
195. भोजपुर- सपा
196. छिबरामऊ- सपा
197. तिर्वा- बीजेपी
198. कन्नौज- सपा
199. जसवंतनगर- सपा
200. इटावा- बीजेपी
201. भरथना (सु)- बीजेपी
202. बिधूना- सपा
203. दिबियापुर- सपा
204. औरैया (सु)- बीजेपी
205. रसूलाबाद (सु)- बीजेपी
206. अकबरपुर रनिया- बीजेपी
207. सिकन्दरा- बीजेपी
208. भोगनीपुर- बीजेपी
209. बिल्हौर (सु)- बसपा
210. बिठूर-सपा- बसपा
211. कल्यानपुर- सपा
212. गोविंदनगर- बीजेपी
213. सीसामऊ- सपा
214. आर्यनगर- सपा
215. किदवईनगर- बीजेपी
216. कानपुर कैंट- बीजेपी
217. महराजपुर- बीजेपी
218. घाटमपुर (सु)- कांग्रेस-बसपा
219. माधौगढ़- कांग्रेस
220. कालपी- बीजेपी
221. उरई (सु)- बीजेपी
222. बबीना- बसपा
223. झांसी नगर- बसपा
224. मऊरानीपुर (सु)- बीजेपी
225. गरौठा- सपा
226. ललितपुर- बीजेपी
227. मेहरौनी (सु)- बीजेपी
228. हमीरपुर- बीजेपी
229. राठ (सु)- बीजेपी
230. महोबा- सपा
231. चरखारी- बीजेपी
232. तिंदवारी- कांग्रेस
233. बबेरू- बसपा
234. नरैनी (सु)-बीजेपी
235. बांदा- बीजेपी-सपा-बसपा
236. चित्रकूट- बीजेपी
237. मानिकपुर- बीजेपी
238. जहानाबाद- सपा-बसपा
239. बिंदकी- बीजेपी
240. फतेहपुर- बसपा
241. अयाह शाह- बीजेपी
242. हुसेनगंज- बीजेपी-कांग्रेस
243. खागा (सु)- बीजेपी
244. रामपुर खास- कांग्रेस
245. बाबागंज (सु)- सपा-बसपा
246. कुंडा- निर्दल
247. विश्वनाथगंज- बीजेपी-सपा
248. प्रतापगढ़- अपनादल
249. पट्टी- बीजेपी
250. रानीगंज- बीजेपी-बसपा
251. सिराथू- बसपा
252. मंझनपुर (सु)- बसपा
253. चायल- बीजेपी
254. फाफामऊ- सपा-बसपा
255. रांव (सु)- अपनादल
256. फूलपुर- बीजेपी
257. प्रतापपुर- अपनादल
258. हंडिया- अपनादल
259. मेजा- सपा
260. करछना- सपा
261. इलाहाबाद पश्चिमी- सपा
262. इलाहाबाद उत्तरी- बीजेपी-कांग्रेस
263. इलाहाबाद दक्षिण- बीजेपी
264. बारा (सु)- बीजेपी
265. कोरांव (सु)- बीजेपी
266. कुर्सी- सपा
267. मनगर- बसपा
268. बाराबंकी- बसपा
269. जैदपुर (सु)- कांग्रेस
270. दरियाबाद- बीजेपी
271. रुदौली- बीजेपी
272. हैदरगढ़ (सु)- बीजेपी
273. मिल्कीपुर (सु)- सपा
274. बीकापुर-भाजपा- बसपा
275. अयोध्या- बीजेपी
276. गोसाईंगंज- बीजेपी
277. कटेहरी- बीजेपी
278. टांडा- बीजेपी
279. आलापुर (सु)- बीजेपी-सपा
280. जलालपुर- बीजेपी-बसपा
281. अकबरपुर- बीजेपी
282. बलहा (सु)- बीजेपी-बसपा
283. नानपारा- बीजेपी
284. मटेरा- सपा
285. महसी- बीजेपी
286. बहराइच- सपा
287. पयागपुर- बीजेपी
288. कैसरगंज- बसपा
289. भिनगा- बीजेपी
290. श्रावस्ती- सपा
291. तुलसीपुर- सपा-बसपा
292. गैसड़ी- सपा
293. उतरौला- बीजेपी
294. बलरामपुर (सु)- कांग्रेस
295. मेहनौन- सपा-बसपा-बीजेपी
296. गोंडा- बीजेपी
297. कटरा बाजार- बीजेपी
298. करनैलगंज- सपा
299. तरबगंज- बीजेपी
300. मनकापुर (सु)- बीजेपी
301. गौरा- बीजेपी
302. शोहरतगढ़- बीजेपी
303. कपिलवस्तु (सु)- बीजेपी
304. बांसी- बीजेपी
305. इटवा- बसपा
306. डुमरियागंज- बसपा
307. हरैया- बीजेपी- सपा
308. कप्तानगंज- कांग्रेस
309. रुधौली- कांग्रेस-बसपा
310. बस्ती सदर- बीजेपी
311. महदेवा (सु)- बीजेपी
312. मेंहदावल- बीजेपी-बसपा
313. खलीलाबाद- बीजेपी
314. घनघटा (सु)- सपा
315. फरेंदा- कांग्रेस
316. नौतनवा- सपा
317. सिसवा- बीजेपी
318. महराजगंज (सु)- बसपा
319. पनियारा- बीजेपी
320. कैम्पियरगंज- बीजेपी
321. पिपराइच- सपा
322. गोरखपुर शहर- बीजेपी
323. गोरखपुर ग्रामीण- सपा
324. सहजनवां- सपा
325. खजनी (सु)- बीजेपी
326. चौरीचौरा- बसपा
327. बांसगांव (सु)- बीजेपी
328. चिल्लूपार- बसपा
329. खड्डा- बीजेपी
330. पडरौना- बीजेपी
331. तमकुही राज- कांग्रेस
332. फाजिलनगर- बीजेपी
333. कुशीनगर- बीजेपी
334. हाटा- बीजेपी
335. मकोला (सु)- भासपा
336. रूद्रपुर-भाजपा- कांग्रेस
337. देवरिया- बीजेपी
338.पथरदेवा- बीजेपी
339. रामपुर कारखाना- सपा
340. भाटपाररानी- सपा
341. सलेमपुर(सु)- बीजेपी-सपा
342. बरहज- बसपा
343. अतरौलिया- बीजेपी-सपा
344. गोपालपुर- सपा
345. सगड़ी- बसपा
346. मुबारकपुर- बसपा
347. आजमगढ़- सपा
348. निजामाबाद- सपा
349. फूलपुर पवई- बीजेपी
350. दीदारगंज-सपा- बीजेपी
351. लालगंज (सु)- बीजेपी
352. मेहनगर (सु)- बसपा
353. मधुबन-बीजेपी- कौमी एकता दल
354. घोसी- बीजेपी
355. मुहमदाबाद गोहना (सु)- बीजेपी
356. मऊ- बसपा
357. बेल्थरारोड (सु)- बीजेपी
358. रसड़ा- बसपा
359. सिकंदरपुर- बीजेपी
360. फेफना- बीजेपी
361. बलिया नगर- बीजेपी-सपा-बसपा
362. बांसडीह- सपा-बसपा
363. बैरिया- बीजेपी
364. बदलापुर- सपा
365. शाहगंज- बसपा
366. जौनपुर- बसपा
367. मल्हनी- सपा
368. मुंगरा बादशाहपुर- बीजेपी
369. मछलीशहर (सु)- बीजेपी
370. मडियाहूं- बीजेपी-सपा
371. जफराबाद- बीजेपी
372. केराकत (सु)- बीजेपी
373. जखनियां (सु)- सपा
374. सैदपुर- सपा
375. गाजीपुर- बीजेपी
376. जंगीपुर- बीजेपी-बसपा
377. जहूराबाद- बीजेपी
378. मोहमदाबाद- बीजेपी
379. जमनिया- बसपा
380. मुगलसराय- बीजेपी
381. सकलडीहा- सपा
382. सैयदराजा- बीजेपी-बसपा
383. चकिया (सु)- बीजेपी
384. पिंडरा- बीजेपी
385. अजगरा (सु)- भासपा-सपा
386. शिवपुर- बीजेपी
387. रोहनिया- बीजेपी
388. वाराणसी उत्तर- बीजेपी-बसपा
389. वाराणसी दक्षिण- बीजेपी-कांग्रेस
390. वाराणसी कैंट- बीजेपी
391. सेवापुरी- अपनादल
392. भदोही- सपा
393. ज्ञानपुर- निषाद पार्टी
394. औराई (सु)- बीजेपी
395. छानबे (सु)- अपनादल
396. मिर्जापुर- बीजेपी
397. मझवां- बीजेपी
398. चुनार- सपा
399. मड़िहान- कांग्रेस
400. घोरावल- बीजेपी
401. राबट्र्सगंज- बीजेपी
402. ओबरा- बीजेपी
403. दुद्धी (सु)- बसपा

SC order arbitrary, deliberately issued to ruin my career: Justice CS Karnan

Following Supreme Court’s decision on Friday to issue a bailable warrant against Calcutta High Court judge CS Karnan in a court contempt case, Justice Karnan hit back at the order saying it’s arbitrary and deliberately issued against him to ruin his career. In an interview to news agency ANI, Karnan said, "This is a national issue, made representation to PM stating that some judges committed illegal activities." He further said that on the basis of representation, the apex court had issued suo moto contempt without enquiry, discussion or findings. "It is a caste issue, a Dalit judge prevented from doing work in a public office.