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सप्ताह भर के अन्दर दो महिलाओ पर गोली चली ।

👉�सप्ताह भर के अन्दर दो महिलाओ पर गोली चली ।

👉�दिल्ली के नजफगढ इलाके में अब महिलाये भी होने लगी गोलियों की शिकार

दिल्ली के नजफगढ इलाके में 26 साल की स्कूटी सवार महिला पर गोली चली ।

गुरुवार की शाम को महिला अपनी मासूम बच्ची को साथ लेकर स्कूटी से सवार हो कर अपने किसी काम के लिए जा रही थी । बीच रास्ते में घात लगा कर बैठे बदमाशो ने स्कूटी सवार महिला पर गोली चला दी।

समय रहते घायल महिला को नजदीकी हॉस्पिटल में भर्ती कराई गई। जहाँ पर 26 साल की घायल महिला जिन्दगी और मौत जंग लड़ रही है । घटना के मौके से हमलावर फरार हो गये

नजफगढ थाना पुलिस हमलावरों की तालाश में जुट गई है ।

शरद भारद्वाज पत्रकार 09015295035
Dillinewsreporter@gmail. com

इंद्रप्रस्थ प्रेस क्लब आफ इंडिया की उपाध ्यक्ष श्रीमती केनु अग्रवाल ने क्लब से इस्तीफ ़ा दिया।

इंद्रप्रस्थ प्रेस क्लब आफ इंडिया की उपाध्यक्ष श्रीमती केनु अग्रवाल ने क्लब से इस्तीफ़ा दिया।

अस्मा जहरा- मुस्लिम लौ बोर्ड की सदस्य: मुस् लिम महिलाये सुरक्षित है।

All india muslim personal low board

अस्मा जहरा- मुस्लिम लौ बोर्ड की सदस्य।
मुस्लिम महिलाये सुरक्षित है। हमें शरीयाइक हुए है। साहवा भी है जिसके जरिये हमे सारे हक़ मिले है। मोदी जी हक़ की बात करते है। gender justice की बात करते है पर देश की संसद में समानता क्यों नही दिखती है। इस्लाम में शादी एक कॉन्ट्रैक्ट की तरह है। कोई बंदिश नहीं है। इसमे कोई असमानता की बात ही नहीं है।
तलाक़ कोई समस्या नहीं है । ये परेशानी का समाधान है। देश भर की मुस्लिम महिलाये इसके खिलाफ है । जिस तरह का मीडिया हाइप 3 तलाक़ को बनाया जा रहा है। इस्लाम में तलाक़ के 3 महीने बाद महिला किसीसे भी शादी कर सकती है पर तलाक़ के बाकी तरीके इतने आसान नहीं है। 6 साल तक लग जाते है।

समानता की बात करने वाले दूसरे धर्मों में । बाकि धर्मो 2 महिला को पत्नी का दर्जा नहीं दिया जाता बल्कि यहां समानता है। ये संघ समर्थित भाजपा का छुपा हुआ एजेंडा है जिस्क्व जरिये मुस्लिम महिलाओं के सामन्ता के हक़ पर वार है। 3 तलाक़ isse नहीं है ये बनाया जा रहा है। इतना concern दहेज के प्रति क्यों नहीं दिखाया जा रहा है। महिला सुरक्ष मुद्दा है 3 तलाक़ मुद्दा नहीं है। देश की महिलाये गाओ देहात की महिलाये बुर्के में इसका विरोध करने के लिये बहार आ रही हैं।
संघ परिवार अलग तरह से बोल रहे है । कि ये महिलाओं का आंतरिक मामला है पर मोदी के लिये ये चुनाव के लिये एक मुद्दा है।
महिलाये जिन्हें शरीयत क़ुरान के बारे में नहीं पता क्यों पार्टी उन्हें भ्रमित नहीं कर सकती। जिस तरीके से खून की जाँच खुद नहीं की जा सकती । उसी तरह से सब इसके वशेषज्ञ नहीं हो सकते। यहां जो मुस्लमान नहीं है । वो कुरान समझा रहे हैं। कुरान के instruction के हिसाब से तलाक बहूत आसान है। इस मुश्किल नहीं बनाया जाना चाहिये।
यास्मीन फारुखी- 1वीमेन इंडिया
और धर्मो में तलाक़ नहीं अलगाव होता है। अलग रहते है पर शादी नहीं हो पाती है।
हसन तरीका है।
2 तलाके विदा – 3तलाक़ का मतलब get out ये कहने के बाद भी महिला को पुरुष पर थोपने पर मजबूर नहीं किया जा सकता। अगर औरत कहती है कि शादी नहीं करनी तो नही होगी।

Family court k data के हिसाब से हिंदुओं ने ज्यादा तलाक़ लिये हैं।
मुस्लिम समाज के मुददा 3 तलाक़ नहीं है। गरीबी , बेरोजगारी, शिक्षा है। ये अच्च्चे दिन है। जब मुस्लिम महिलाओ से उनका हक छीना जा रहा है।

राजपाल यादव के बड़े भाई श्रीपाल यादव एक नई र ाजनीतीक पारी शुरू कर रहे हैं

लखनऊ- कम कद-काठी हास्य चर्चित अभिनेता फिल्मी परदे पर बड़े और दमदार रोल करने वाले राजपाल यादव के बड़े भाई श्रीपाल यादव एक नई राजनीतीक पारी शुरू कर रहे हैं वह भी राजनीति के मैदान से ख़बर है उनकी इस नई पार्टी का नाम सर्व समभाव पार्टी रखा गया है।राजपाल व श्रीपाल यादव ने अपनी पॉलिटिकल पार्टी बनाने के साथ चुनाव मैदान में भी हाथ आजमाने का फैसला कर लिया है। उनका पहला लक्ष्य उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव है जिसमे इस नई पार्टी के उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे। बताया जा रहा है कि राजपाल व् श्रीपाल यादव काफी होमवर्क करने के बाद राजनीति के क्षेत्र में जाने का अहम फैसला किया है। उनका मानना है कि पार्टी के माध्यम से वो जनता के बीच अच्छी तरह से सेवा कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश चुनाव में वो भ्रष्टाचार मिटाने और जनता से जुड़े कामों को बेहतरीन से करने के लिए लोगों के बीच भी जाएंगे। हालांकि राजपाल यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि राजनीती में जाने के बावजूद बॉलीवुड के दुनिया से रिश्तें नहीं तोड़ेंगे

दिल्ली प्रदेश भाजपा ने मीडिया कमीॅयो के स ाथ मनाया दिवाली मिलन

दिल्ली भाजपा ने आज अपने वार्षिक दिवाली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी एवं पार्टी नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष श्री सतीश उपाध्याय के साथ उत्तर भारतीय व्यंजनों का आनंद लिया।

मीडिया सैल द्वारा संयोजित कार्यक्रम के प्रारम्भ में प्रदेश अध्यक्ष श्री सतीश उपाध्याय, पूर्व अध्यक्ष प्रो. विजय कुमार मलहोत्रा, संगठन महामंत्री श्री सिद्धार्थन, नेता प्रतिपक्ष श्री विजेन्द्र गुप्ता, महामंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, उपाध्यक्ष श्री जय प्रकाश, श्री कुलजीत सिंह चहल, श्री अभय वर्मा, मीडिया प्रभारी श्री प्रवीण शंकर कपूर, प्रवक्ता श्री हरीश खुराना, श्री राजीव बब्बर, मीडिया टीम सदस्य श्री आदित्य झा ने दीप माला प्रज्ज्वलित की और सबकी खुशहाली के लिये प्रार्थना की।

भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री श्री महेश गिरी, प्रवक्ता श्रीमती मीनाक्षी लेखी एवं श्री शाहनवाज हुसैन, सांसद श्री रमेश बिधूड़ी, डाॅ. उदित राज ने पत्रकारों के बीच दीपावली की शुभकामनायें दीं।

दिल्ली भाजपा नेता श्री मांगेराम गर्ग, श्री तिलकराज कटारिया, श्रीमती रजनी अब्बी, श्रीमती शिखा राय, श्रीमती विशाखा शैलानी, डाॅ. संजीव नैयर, श्री जगदीश प्रधान, श्री नन्द किशोर गर्ग, श्री पवन शर्मा, श्री सुभाष आर्य, श्री करन सिंह तंवर, श्री सुभाष सचदेवा, श्री मोहन सिंह बिष्ट, श्री कुलवंत राणा, श्री अनिल शर्मा, श्री नीलदमन खत्री, श्री प्रद्युमन राजपूत, श्री एम.एस. धीर, श्री गुगन सिंह रंगा, श्री अमन सिन्हा, श्री अश्वनी उपाध्याय
जितेद्र पाल – (tennews.in)

HANSRAJ GANGARAM AHIR, MINISTER OF STATE FOR HOME AFFAIRS FLEGS -IN SSB’s MOUTAIN TERRAIN BIKING EXPEDITION TEAM AT DELHI

New Delhi, 27th October, 2016: 40 members team of Sashastra Seema Bal’s Mountain Terrain Biking Expedition which commenced on 12.10.2016 from Nabhidang, Uttrakhand situated at a height of 14110 feet, reached 25th Battalion, SSB, Ghitorni New Delhi today where Minister of State for Home Shri Hansraj Gangaram Ahir, Ms Archana Ramasundaram, D.G. SSB and senior officers welcomed the team in an impressive flag-in ceremony.
Welcoming the chief guest D.G. SSB Ms Archana Ramasundaram informed that Sashastra Seema Bal has always been endeavouring to make the people aware about various burning social issues through such expeditions/ programmes. Current Mountain Terrain Biking Expedition is a part of such efforts of the force.
Addressing the members of expedition team and the gathering of SSB officers and men, Chief Guest Shri Hansraj Gangaram Ahir, Minister of State for Home praised the SSB’s effort to make the millions of people of Uttrakhand, Uttar Pradesh and Delhi aware about the Government of India’s programmes Swacch Bharat, Swasth Bharat and Beti Bachao, Beti Padhao. On this occasion Hon’ble Minister honoured the members of expedition team by presenting them mementoes.
This Mountain Terrain Biking Expedition led by Shri Rajesh Thakur, Commandant 11th Battalion, SSB was flagged-off on 12th October, 2016 from Nabhidang, Uttrakhand by Shri Kiren Rijiju, Hon’ble Minister of State for Home, Government of India. The team had 40 members including 08 females. 1006 Kilometres of difficult and challenging journey from Nabhidang to Delhi was completed by the team via Dharchula, Didihat, Kainalichina, Pithoragarh, Almora, Ranikhet, Ghorakhal, Nainital, Kathgodam, Rampur, Brajghat and Ghaziabad. At all these places team organized meetings and programmes to make the general people aware about Swacch Bharat Abhiyan and Beti Bachao, Beti Padhao .
It is natural for security forces to have an inclination towards adventure sports. SSB is the first CAPF to raise its own Mountain Terrain Biking Team which has successfully participated in Hero MTB Himalaya in Himachal Pradesh and first Adventure Racing in Ladakh during recent past.
Every year SSB organises many such expeditions. Among the numerous expeditions organized by SSB, Mountaineering Expeditions to scale Mount Everest, Mount Trishul and Mount Satopant and Rafting/boating expeditions from Dharchula to Patna and Dharchula to Gangasagar are some important ones to be quoted.

JITENDER PAL- (TENNEWS.IN)

RAKESH KUMAR REELECTED CHAIRMAN OF STATE-OF-THE ART INDIA EXPOSITION MART LTD. (IEML)

TEN NEWS NETWORK

GREATER NOIDA : Shri Rakesh Kumar has been unanimously reelected as the Chairman of IEML by its Board of Directors at the Board Meeting held at New Delhi on October 27, 2016.

Shri Kumar has served in various professional associations in the field of Indian handicraft exports. He is also the Executive Director of the Export Promotion Council for Handicrafts (EPCH) and Immediate past president of Indian Exhibition Industry Association (IEIA). It is Shri Kumar who had conceptualized and commissioned India’s first state of the art infrastructure – India Exposition Mart Ltd for promotion of Indian Handicrafts & the cottage sector through Marts and Exhibitions at Greater Noida, NCR Delhi.

He is one of the permanent Directors of the mart and has held the position of Managing Director from 2001-2009 at the mart. He is also the chairman since 2014.

Apart from setting up of India Exposition Mart Ltd, Shri Kumar is also the key architect of setting up of several important projects in India such as setting up of National Centre for Design & Product Development in New Delhi for design and product development and various craft pockets of handicrafts at Jodhpur, Jaipur, Saharanpur, Narsapur (A.P.), Moradabad, Northeastern Regions.

The India Exposition Mart is spread over to 58 acres and has built up complex of 1.7 million sq. ft. which was inaugurated by the then Prime Minister of India in 2006. The Exposition Mart has 14 exhibition halls and 1800 permanent marts with facilities at par with International standards and hosts many international events. Shri Kumar has also been declared SUPER ACHIEVER for his contribution to the Handicrafts sector by Indiasgreatest.com. He has also been awarded lifetime achievement award for his contribution to exhibition industry by Exhibition Showcase and was also honored by patwa as the best individual achiever in the Mice industry.

वेश्यावृत्ति कारोबार मे शामिल महिलाओ के ब च्चे अचछी शिक्षा पाकर बन रहे आईपीएस और डाक्ट र .

मेरठ के कबाड़ी बाजार स्थित वेश्‍यावृत्‍ति कारोबार में क्रांति‍कारी परि‍वर्तन देखने को मि‍ल रहा है। यहां पर काम करने वाली डेढ़ हजार से भी ज्‍यादा वेश्‍याओं के बच्‍चे देश के नामी गि‍रामी स्‍कूलों में पढ़ रहे हैं। इतना ही नहीं, एक कोठे की मालकि‍न की तो सबसे रोचक कहानी नि‍कलकर आई है। फि‍लहाल वह जिंदा नहीं हैं, पर उनकी जगह कोठा देख रही नई मालकि‍न का कहना है कि उन्‍होंने अपने दोनों भाइयों को यहीं पर काम करके पढ़ाया लि‍खाया। आज उनका एक भाई मध्‍य प्रदेश में आईपीएस है और दूसरा भाई उत्‍तर प्रदेश में वेटनरी डॉक्‍टर है। यहां काम करने वाली वेश्‍याएं औसतन महीने में एक लाख रुपये कमाती हैं और इसका बड़ा हिस्‍सा वे बच्‍चों की पढ़ाई पर खर्च कर रही हैं। उनके बच्‍चे महंगे स्‍कूलों में और ऊंची शिक्षा प्राप्‍त कर रहे हैं। वेस्‍ट यूपी में सबसे बड़ा वेश्‍यावृत्‍ति का ठि‍काना कबाड़ी बाजार को माना जाता है। कबाड़ी बाजार में साठ से भी ज्‍यादा कोठे हैं। इनमें से एक कोठे की मालकि‍न बताती हैं कि फि‍लहाल बाजार में 1100 से 1500 के बीच में वेश्‍याएं हैं। इनमें पचास फीसदी वेश्‍याएं पारंपरि‍क रूप से वेश्‍यावृत्‍ति करती आ रही हैं। ये मूल रूप से राजस्‍थान की हैं। बाकी वेश्‍याओं में नेपाल, बंगाल, उड़ीसा आदि क्षेत्रों से तस्‍करी करके लाई गई लड़कि‍यां हैं। इन वेश्‍याओं के बीच काम करने वाली संकल्‍प संस्‍था की अध्‍यक्ष अतुल शर्मा बताती हैं कि जि‍न वेश्‍याओं ने यहां काम करना स्‍वीकार कर लि‍या है, उनमें से कि‍सी के भी बच्‍चे सरकारी स्‍कूलों में नहीं पढ़ते। मेरठ के टॉप स्‍कूलों में, जहां अच्‍छी डोनेशन देने वालों के बच्‍चों का एडमीशन नहीं होता है, इनके बच्‍चे उन स्‍कूलों मेपढ़ते हैं। इतना ही नहीं, इनके बच्‍चे देश के सबसे अच्‍छे स्‍कूलों में पढ़ रहे ह उनका दावा है कि इस वक्‍त यहां रहने वाली सभी वेश्‍याओं के बच्‍चे अच्‍छी पढ़ाई कर रहे हैं। इतना ही नहीं, एक दो के बच्‍चे तो एमटेक और एमबीए करके मल्‍टी नेशनल कंपनि‍यों में काम कर रहे हैं। एक कोठे की मालकि‍न के मुताबि‍क उसे रोज पुलि‍स को छह सौ रुपये देने होते हैं। यह रकम कोठे पर काम करने वाली लड़कियां अपनी कमाई में से इकट्ठा कर देती हैं। इसके अलावा हर लड़की को रोज 300 रुपये पुलि‍स को और 300 रुपये कोठे का कि‍राया देना होता है। एक कोठे पर औसतन 10 से 12 लड़कि‍यां काम करती हैं। कबाड़ी बाजार की जिस्‍म मंडी में देह की कीमत 400 रुपये से लगनी शुरू होती है। कोठे की मालकि‍नों के मुताबि‍क इन लड़कि‍यों के ग्राहक ज्‍यादातर नि‍म्‍न वर्ग से होते हैं। अक्‍सर सादी वर्दी में सेना के लोग भी आते हैं। कबाड़ी बाजार से बाहर ले जाने के लि‍ए भी लड़कि‍यों की बुकिंग होती है। बुकिंग रेट 1200 रुपये से 2000 रुपये तक होता है, लेकि‍न 30-40 हजार रुपये की सिक्‍योरि‍टी जमा करनी होती है, जो बाद में वापस हो जाती है। 29 साल की ऋतू (काल्‍पनि‍क नाम) के बच्‍चे की उम्र 17 साल हो गई है। वह बंगाल से तस्‍करी करके लाई गई थीं, पर यहीं बस गईं। उनका बच्‍चा पूना में बी टेक करने लगा है। जरीना कहती हैं कि उनका ख्‍वाब है कि उनका बच्‍चा आई ए एस बने। इसके लि‍ए कि‍तना भी पैसा लगे,अच्‍छी से अच्‍छी कोचिंग हो, पर ख्‍वाब पूरा होना चाहि‍ए। यहां सभी कोठों के बीच एक सीढ़ी भर का ही फासला है। और सीढ़ी भी इतनी संकरी कि एक बार में एक ही व्‍यक्‍ति इसका प्रयोग कर सकता है। एक कोठे की मालकि‍न ने बताया कि यहां पर काम करने वाली एक वेश्‍या महीने में कम से कम एक लाख रुपये कमाती है। यहां वेश्‍यावृत्‍ति शुरू करने की औसतन उम्र 13 साल है और रि‍टायरमेंट की औसत उम्र 30 साल है। 17 साल में वेश्‍याएं दो करोड़ रुपये से भी ज्‍यादा कमाती हैं।
संकल्‍प संस्‍था की अध्‍यक्ष अतुल शर्मा कहती हैं कि दरअसल इनके बच्‍चों की पढ़ाई ही इनका रि‍टायरमेंट प्‍लान है। इनमें से कुछ तो शादी भी करने लगी हैं। अभी हाल ही में यहां काम करने वाली एक लड़की ने अपनी बच्‍ची के पि‍ता से शादी कर ली। सबसे अच्‍छी बात तो यह है कि अब कोई यह नहीं कह सकता है कि वेश्‍याओं के बच्‍चों के बाप का नाम नहीं पता। ये लोग इतनी सावधानी बरतती हैं कि इन्‍हें पता होता है कि उनके गर्भ में पल रहे बच्‍चे का पि‍ता कौन है। यहां पर पि‍छले पांच सालों में जन्‍मे सभी बच्‍चों का जन्‍म प्रमाण पत्र है जि‍समें उनके पि‍ता का नाम दर्ज है। यूपी के मेरठ में स्थित कबाड़ी बाजार बहुत ही पुराना रेड लाइट एरिया है। यहां अंग्रेजों के जमाने से देहव्यापार किया जाता है। इन दिनों यहां पर देहव्यापार का परंपरागत धंधा अब गलत हथकंडे अपनाकर चलाया जा रहा है। वूमेन एंड चाइल्ड डेवलेपमेंट मिनिस्ट्री ने 2007 में एक रिपोर्ट दिया, इसके मुताबिक, 30 लाख औरतें जिस्मफरोशी का धंधा करती हैं। इममें 36 फीसदी तो नाबालिग हैं।[5आज पूरी दुनिया में जिस्मफरोशी का बाजार गर्म है। पहले मजबूरी के तहत औरतें और युवतियां इस धंधे में आती थी लेकिन अब मजबूरी की जगह शौक ने ले ली है। आज नये जमाने की आड़ लेकर राह से भटकी कुछ लडकियों को बहला फुसलाकर बडे़-बडे़ सब्जबाग दिखाकर बाकायदा कुछ लोगों ने जिस्मफरोशी को कारोबार बना लिया है। आज सेक्स का धंधा एक बडे कारोबार के रूप में दुनिया के अन्य देशों की तरह भारत में भी परिवर्तित हो चुका है। इस कारोबार को चलाने के लिये बाकायदा आफिस बनाने के साथ ही कुछ लोगों ने मसाज पार्लरो के नाम से अखबारो में विज्ञापन देकर बॉडी मसाज की आड़ में जिस्मफरोशी का धंधा चला रखा है। इस के अलावा टीवी सीरियल और फिल्मो में नई हीरोईन के लिये ओडीशन के नाम पर भी आज ये धंधा खूब फल फूल रहा है।
वही कुछ सरकारी गेस्ट हाऊस और होटल आज जिस्मफरोशी की इस बेल को खाद और पानी दे रहे है। आज पूरे देश में जिस्मफरोशी करने वालों का एक बहुत बडा नेटवर्क फैला हुआ है। बडी बडी चमचमाती गाडियों के सहारे एक शहर से दूसरे शहर लडकियो को पहुंचाया जाता है। आज जिस्मफरोशी का धंधा खुलम खुल्ला पुलिस की जानकारी में हो रहा है पर क्या किया जाये कहीं थाने बिक जाते है तो कहीं राजनेताओ का दबाव पड़ जाता है। ये ही वजह है कि आज जिस्मफरोशी ने हमारे सामाजिक ताने बाने को पूरी तरह से पष्चिमी रंग में रंग दिया है। बेबीलोन के मंदिरो से लेकर भारत के मंदिरो में देवदासी प्रथा वेश्‍यावृत्ति का आदिम रूप है। गुलाम व्यवस्था में मालिक वेश्‍याएं पालते थे। तब वेश्‍याएं संपदा और शक्ति का प्रतीक मानी जाती थी। मुगलकाल में मुगलों के हरम में सैकडों औरतें रहती थी अंग्रेजों ने भारत पर अधिकार किया तो इस धंधे का स्वरूप ही बदल गया। पुराने जमाने में राजाओं को खुश करने के लिये तोहफे के तौर पर तवायफों को पेश किया जाता था। उस जमाने में भी जिस्म का कारोबार होता था। वक्त के थपेडों से घायल लडकिया अक्सर कोठो के दलालों का शिकार होकर ही कोठो पर पहुचॅती थी।
लेकिन आज अपनी बढी हुई इच्छाओं को पूरा करने के लिये महिलाएं और युवतियां इस पेशे को खुद अपनाने लगी है। महज भौतिक संसाधनों को पाने की खातिर कुछ लडकियां आज इस धंधे में उतर आई है। बंगला कार से लेकर घर में टीवी फ्रिज एसी के शौक को पुरा करने के लिये ये युवतिया जिस्मफरोशी को जल्द सफलता पाने के लिये शार्टकट तरीका भी मानती है। इसी लिये आज इस धंधे में सब से ज्यादा 16 से 20 व 22 साल की स्कूली छात्राओ की हिस्सेदारी है। इन में से केवल 20 प्रतिशत छात्राएं ही मजबूरी के तहत इस धंधे में है 80 प्रतिशत अपने मंहगे शौक को पूरा करने के लिये इस धंधे में आई हुई है।
जितेद्र पाल -( tennews.in)