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राजपाल यादव के बड़े भाई श्रीपाल यादव एक नई र ाजनीतीक पारी शुरू कर रहे हैं

लखनऊ- कम कद-काठी हास्य चर्चित अभिनेता फिल्मी परदे पर बड़े और दमदार रोल करने वाले राजपाल यादव के बड़े भाई श्रीपाल यादव एक नई राजनीतीक पारी शुरू कर रहे हैं वह भी राजनीति के मैदान से ख़बर है उनकी इस नई पार्टी का नाम सर्व समभाव पार्टी रखा गया है।राजपाल व श्रीपाल यादव ने अपनी पॉलिटिकल पार्टी बनाने के साथ चुनाव मैदान में भी हाथ आजमाने का फैसला कर लिया है। उनका पहला लक्ष्य उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव है जिसमे इस नई पार्टी के उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे। बताया जा रहा है कि राजपाल व् श्रीपाल यादव काफी होमवर्क करने के बाद राजनीति के क्षेत्र में जाने का अहम फैसला किया है। उनका मानना है कि पार्टी के माध्यम से वो जनता के बीच अच्छी तरह से सेवा कर सकते हैं। उत्तर प्रदेश चुनाव में वो भ्रष्टाचार मिटाने और जनता से जुड़े कामों को बेहतरीन से करने के लिए लोगों के बीच भी जाएंगे। हालांकि राजपाल यादव ने स्पष्ट कर दिया है कि राजनीती में जाने के बावजूद बॉलीवुड के दुनिया से रिश्तें नहीं तोड़ेंगे

दिल्ली प्रदेश भाजपा ने मीडिया कमीॅयो के स ाथ मनाया दिवाली मिलन

दिल्ली भाजपा ने आज अपने वार्षिक दिवाली मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया जिसमें बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी एवं पार्टी नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष श्री सतीश उपाध्याय के साथ उत्तर भारतीय व्यंजनों का आनंद लिया।

मीडिया सैल द्वारा संयोजित कार्यक्रम के प्रारम्भ में प्रदेश अध्यक्ष श्री सतीश उपाध्याय, पूर्व अध्यक्ष प्रो. विजय कुमार मलहोत्रा, संगठन महामंत्री श्री सिद्धार्थन, नेता प्रतिपक्ष श्री विजेन्द्र गुप्ता, महामंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता, उपाध्यक्ष श्री जय प्रकाश, श्री कुलजीत सिंह चहल, श्री अभय वर्मा, मीडिया प्रभारी श्री प्रवीण शंकर कपूर, प्रवक्ता श्री हरीश खुराना, श्री राजीव बब्बर, मीडिया टीम सदस्य श्री आदित्य झा ने दीप माला प्रज्ज्वलित की और सबकी खुशहाली के लिये प्रार्थना की।

भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री श्री महेश गिरी, प्रवक्ता श्रीमती मीनाक्षी लेखी एवं श्री शाहनवाज हुसैन, सांसद श्री रमेश बिधूड़ी, डाॅ. उदित राज ने पत्रकारों के बीच दीपावली की शुभकामनायें दीं।

दिल्ली भाजपा नेता श्री मांगेराम गर्ग, श्री तिलकराज कटारिया, श्रीमती रजनी अब्बी, श्रीमती शिखा राय, श्रीमती विशाखा शैलानी, डाॅ. संजीव नैयर, श्री जगदीश प्रधान, श्री नन्द किशोर गर्ग, श्री पवन शर्मा, श्री सुभाष आर्य, श्री करन सिंह तंवर, श्री सुभाष सचदेवा, श्री मोहन सिंह बिष्ट, श्री कुलवंत राणा, श्री अनिल शर्मा, श्री नीलदमन खत्री, श्री प्रद्युमन राजपूत, श्री एम.एस. धीर, श्री गुगन सिंह रंगा, श्री अमन सिन्हा, श्री अश्वनी उपाध्याय
जितेद्र पाल – (tennews.in)

HANSRAJ GANGARAM AHIR, MINISTER OF STATE FOR HOME AFFAIRS FLEGS -IN SSB’s MOUTAIN TERRAIN BIKING EXPEDITION TEAM AT DELHI

New Delhi, 27th October, 2016: 40 members team of Sashastra Seema Bal’s Mountain Terrain Biking Expedition which commenced on 12.10.2016 from Nabhidang, Uttrakhand situated at a height of 14110 feet, reached 25th Battalion, SSB, Ghitorni New Delhi today where Minister of State for Home Shri Hansraj Gangaram Ahir, Ms Archana Ramasundaram, D.G. SSB and senior officers welcomed the team in an impressive flag-in ceremony.
Welcoming the chief guest D.G. SSB Ms Archana Ramasundaram informed that Sashastra Seema Bal has always been endeavouring to make the people aware about various burning social issues through such expeditions/ programmes. Current Mountain Terrain Biking Expedition is a part of such efforts of the force.
Addressing the members of expedition team and the gathering of SSB officers and men, Chief Guest Shri Hansraj Gangaram Ahir, Minister of State for Home praised the SSB’s effort to make the millions of people of Uttrakhand, Uttar Pradesh and Delhi aware about the Government of India’s programmes Swacch Bharat, Swasth Bharat and Beti Bachao, Beti Padhao. On this occasion Hon’ble Minister honoured the members of expedition team by presenting them mementoes.
This Mountain Terrain Biking Expedition led by Shri Rajesh Thakur, Commandant 11th Battalion, SSB was flagged-off on 12th October, 2016 from Nabhidang, Uttrakhand by Shri Kiren Rijiju, Hon’ble Minister of State for Home, Government of India. The team had 40 members including 08 females. 1006 Kilometres of difficult and challenging journey from Nabhidang to Delhi was completed by the team via Dharchula, Didihat, Kainalichina, Pithoragarh, Almora, Ranikhet, Ghorakhal, Nainital, Kathgodam, Rampur, Brajghat and Ghaziabad. At all these places team organized meetings and programmes to make the general people aware about Swacch Bharat Abhiyan and Beti Bachao, Beti Padhao .
It is natural for security forces to have an inclination towards adventure sports. SSB is the first CAPF to raise its own Mountain Terrain Biking Team which has successfully participated in Hero MTB Himalaya in Himachal Pradesh and first Adventure Racing in Ladakh during recent past.
Every year SSB organises many such expeditions. Among the numerous expeditions organized by SSB, Mountaineering Expeditions to scale Mount Everest, Mount Trishul and Mount Satopant and Rafting/boating expeditions from Dharchula to Patna and Dharchula to Gangasagar are some important ones to be quoted.

JITENDER PAL- (TENNEWS.IN)

RAKESH KUMAR REELECTED CHAIRMAN OF STATE-OF-THE ART INDIA EXPOSITION MART LTD. (IEML)

TEN NEWS NETWORK

GREATER NOIDA : Shri Rakesh Kumar has been unanimously reelected as the Chairman of IEML by its Board of Directors at the Board Meeting held at New Delhi on October 27, 2016.

Shri Kumar has served in various professional associations in the field of Indian handicraft exports. He is also the Executive Director of the Export Promotion Council for Handicrafts (EPCH) and Immediate past president of Indian Exhibition Industry Association (IEIA). It is Shri Kumar who had conceptualized and commissioned India’s first state of the art infrastructure – India Exposition Mart Ltd for promotion of Indian Handicrafts & the cottage sector through Marts and Exhibitions at Greater Noida, NCR Delhi.

He is one of the permanent Directors of the mart and has held the position of Managing Director from 2001-2009 at the mart. He is also the chairman since 2014.

Apart from setting up of India Exposition Mart Ltd, Shri Kumar is also the key architect of setting up of several important projects in India such as setting up of National Centre for Design & Product Development in New Delhi for design and product development and various craft pockets of handicrafts at Jodhpur, Jaipur, Saharanpur, Narsapur (A.P.), Moradabad, Northeastern Regions.

The India Exposition Mart is spread over to 58 acres and has built up complex of 1.7 million sq. ft. which was inaugurated by the then Prime Minister of India in 2006. The Exposition Mart has 14 exhibition halls and 1800 permanent marts with facilities at par with International standards and hosts many international events. Shri Kumar has also been declared SUPER ACHIEVER for his contribution to the Handicrafts sector by Indiasgreatest.com. He has also been awarded lifetime achievement award for his contribution to exhibition industry by Exhibition Showcase and was also honored by patwa as the best individual achiever in the Mice industry.

वेश्यावृत्ति कारोबार मे शामिल महिलाओ के ब च्चे अचछी शिक्षा पाकर बन रहे आईपीएस और डाक्ट र .

मेरठ के कबाड़ी बाजार स्थित वेश्‍यावृत्‍ति कारोबार में क्रांति‍कारी परि‍वर्तन देखने को मि‍ल रहा है। यहां पर काम करने वाली डेढ़ हजार से भी ज्‍यादा वेश्‍याओं के बच्‍चे देश के नामी गि‍रामी स्‍कूलों में पढ़ रहे हैं। इतना ही नहीं, एक कोठे की मालकि‍न की तो सबसे रोचक कहानी नि‍कलकर आई है। फि‍लहाल वह जिंदा नहीं हैं, पर उनकी जगह कोठा देख रही नई मालकि‍न का कहना है कि उन्‍होंने अपने दोनों भाइयों को यहीं पर काम करके पढ़ाया लि‍खाया। आज उनका एक भाई मध्‍य प्रदेश में आईपीएस है और दूसरा भाई उत्‍तर प्रदेश में वेटनरी डॉक्‍टर है। यहां काम करने वाली वेश्‍याएं औसतन महीने में एक लाख रुपये कमाती हैं और इसका बड़ा हिस्‍सा वे बच्‍चों की पढ़ाई पर खर्च कर रही हैं। उनके बच्‍चे महंगे स्‍कूलों में और ऊंची शिक्षा प्राप्‍त कर रहे हैं। वेस्‍ट यूपी में सबसे बड़ा वेश्‍यावृत्‍ति का ठि‍काना कबाड़ी बाजार को माना जाता है। कबाड़ी बाजार में साठ से भी ज्‍यादा कोठे हैं। इनमें से एक कोठे की मालकि‍न बताती हैं कि फि‍लहाल बाजार में 1100 से 1500 के बीच में वेश्‍याएं हैं। इनमें पचास फीसदी वेश्‍याएं पारंपरि‍क रूप से वेश्‍यावृत्‍ति करती आ रही हैं। ये मूल रूप से राजस्‍थान की हैं। बाकी वेश्‍याओं में नेपाल, बंगाल, उड़ीसा आदि क्षेत्रों से तस्‍करी करके लाई गई लड़कि‍यां हैं। इन वेश्‍याओं के बीच काम करने वाली संकल्‍प संस्‍था की अध्‍यक्ष अतुल शर्मा बताती हैं कि जि‍न वेश्‍याओं ने यहां काम करना स्‍वीकार कर लि‍या है, उनमें से कि‍सी के भी बच्‍चे सरकारी स्‍कूलों में नहीं पढ़ते। मेरठ के टॉप स्‍कूलों में, जहां अच्‍छी डोनेशन देने वालों के बच्‍चों का एडमीशन नहीं होता है, इनके बच्‍चे उन स्‍कूलों मेपढ़ते हैं। इतना ही नहीं, इनके बच्‍चे देश के सबसे अच्‍छे स्‍कूलों में पढ़ रहे ह उनका दावा है कि इस वक्‍त यहां रहने वाली सभी वेश्‍याओं के बच्‍चे अच्‍छी पढ़ाई कर रहे हैं। इतना ही नहीं, एक दो के बच्‍चे तो एमटेक और एमबीए करके मल्‍टी नेशनल कंपनि‍यों में काम कर रहे हैं। एक कोठे की मालकि‍न के मुताबि‍क उसे रोज पुलि‍स को छह सौ रुपये देने होते हैं। यह रकम कोठे पर काम करने वाली लड़कियां अपनी कमाई में से इकट्ठा कर देती हैं। इसके अलावा हर लड़की को रोज 300 रुपये पुलि‍स को और 300 रुपये कोठे का कि‍राया देना होता है। एक कोठे पर औसतन 10 से 12 लड़कि‍यां काम करती हैं। कबाड़ी बाजार की जिस्‍म मंडी में देह की कीमत 400 रुपये से लगनी शुरू होती है। कोठे की मालकि‍नों के मुताबि‍क इन लड़कि‍यों के ग्राहक ज्‍यादातर नि‍म्‍न वर्ग से होते हैं। अक्‍सर सादी वर्दी में सेना के लोग भी आते हैं। कबाड़ी बाजार से बाहर ले जाने के लि‍ए भी लड़कि‍यों की बुकिंग होती है। बुकिंग रेट 1200 रुपये से 2000 रुपये तक होता है, लेकि‍न 30-40 हजार रुपये की सिक्‍योरि‍टी जमा करनी होती है, जो बाद में वापस हो जाती है। 29 साल की ऋतू (काल्‍पनि‍क नाम) के बच्‍चे की उम्र 17 साल हो गई है। वह बंगाल से तस्‍करी करके लाई गई थीं, पर यहीं बस गईं। उनका बच्‍चा पूना में बी टेक करने लगा है। जरीना कहती हैं कि उनका ख्‍वाब है कि उनका बच्‍चा आई ए एस बने। इसके लि‍ए कि‍तना भी पैसा लगे,अच्‍छी से अच्‍छी कोचिंग हो, पर ख्‍वाब पूरा होना चाहि‍ए। यहां सभी कोठों के बीच एक सीढ़ी भर का ही फासला है। और सीढ़ी भी इतनी संकरी कि एक बार में एक ही व्‍यक्‍ति इसका प्रयोग कर सकता है। एक कोठे की मालकि‍न ने बताया कि यहां पर काम करने वाली एक वेश्‍या महीने में कम से कम एक लाख रुपये कमाती है। यहां वेश्‍यावृत्‍ति शुरू करने की औसतन उम्र 13 साल है और रि‍टायरमेंट की औसत उम्र 30 साल है। 17 साल में वेश्‍याएं दो करोड़ रुपये से भी ज्‍यादा कमाती हैं।
संकल्‍प संस्‍था की अध्‍यक्ष अतुल शर्मा कहती हैं कि दरअसल इनके बच्‍चों की पढ़ाई ही इनका रि‍टायरमेंट प्‍लान है। इनमें से कुछ तो शादी भी करने लगी हैं। अभी हाल ही में यहां काम करने वाली एक लड़की ने अपनी बच्‍ची के पि‍ता से शादी कर ली। सबसे अच्‍छी बात तो यह है कि अब कोई यह नहीं कह सकता है कि वेश्‍याओं के बच्‍चों के बाप का नाम नहीं पता। ये लोग इतनी सावधानी बरतती हैं कि इन्‍हें पता होता है कि उनके गर्भ में पल रहे बच्‍चे का पि‍ता कौन है। यहां पर पि‍छले पांच सालों में जन्‍मे सभी बच्‍चों का जन्‍म प्रमाण पत्र है जि‍समें उनके पि‍ता का नाम दर्ज है। यूपी के मेरठ में स्थित कबाड़ी बाजार बहुत ही पुराना रेड लाइट एरिया है। यहां अंग्रेजों के जमाने से देहव्यापार किया जाता है। इन दिनों यहां पर देहव्यापार का परंपरागत धंधा अब गलत हथकंडे अपनाकर चलाया जा रहा है। वूमेन एंड चाइल्ड डेवलेपमेंट मिनिस्ट्री ने 2007 में एक रिपोर्ट दिया, इसके मुताबिक, 30 लाख औरतें जिस्मफरोशी का धंधा करती हैं। इममें 36 फीसदी तो नाबालिग हैं।[5आज पूरी दुनिया में जिस्मफरोशी का बाजार गर्म है। पहले मजबूरी के तहत औरतें और युवतियां इस धंधे में आती थी लेकिन अब मजबूरी की जगह शौक ने ले ली है। आज नये जमाने की आड़ लेकर राह से भटकी कुछ लडकियों को बहला फुसलाकर बडे़-बडे़ सब्जबाग दिखाकर बाकायदा कुछ लोगों ने जिस्मफरोशी को कारोबार बना लिया है। आज सेक्स का धंधा एक बडे कारोबार के रूप में दुनिया के अन्य देशों की तरह भारत में भी परिवर्तित हो चुका है। इस कारोबार को चलाने के लिये बाकायदा आफिस बनाने के साथ ही कुछ लोगों ने मसाज पार्लरो के नाम से अखबारो में विज्ञापन देकर बॉडी मसाज की आड़ में जिस्मफरोशी का धंधा चला रखा है। इस के अलावा टीवी सीरियल और फिल्मो में नई हीरोईन के लिये ओडीशन के नाम पर भी आज ये धंधा खूब फल फूल रहा है।
वही कुछ सरकारी गेस्ट हाऊस और होटल आज जिस्मफरोशी की इस बेल को खाद और पानी दे रहे है। आज पूरे देश में जिस्मफरोशी करने वालों का एक बहुत बडा नेटवर्क फैला हुआ है। बडी बडी चमचमाती गाडियों के सहारे एक शहर से दूसरे शहर लडकियो को पहुंचाया जाता है। आज जिस्मफरोशी का धंधा खुलम खुल्ला पुलिस की जानकारी में हो रहा है पर क्या किया जाये कहीं थाने बिक जाते है तो कहीं राजनेताओ का दबाव पड़ जाता है। ये ही वजह है कि आज जिस्मफरोशी ने हमारे सामाजिक ताने बाने को पूरी तरह से पष्चिमी रंग में रंग दिया है। बेबीलोन के मंदिरो से लेकर भारत के मंदिरो में देवदासी प्रथा वेश्‍यावृत्ति का आदिम रूप है। गुलाम व्यवस्था में मालिक वेश्‍याएं पालते थे। तब वेश्‍याएं संपदा और शक्ति का प्रतीक मानी जाती थी। मुगलकाल में मुगलों के हरम में सैकडों औरतें रहती थी अंग्रेजों ने भारत पर अधिकार किया तो इस धंधे का स्वरूप ही बदल गया। पुराने जमाने में राजाओं को खुश करने के लिये तोहफे के तौर पर तवायफों को पेश किया जाता था। उस जमाने में भी जिस्म का कारोबार होता था। वक्त के थपेडों से घायल लडकिया अक्सर कोठो के दलालों का शिकार होकर ही कोठो पर पहुचॅती थी।
लेकिन आज अपनी बढी हुई इच्छाओं को पूरा करने के लिये महिलाएं और युवतियां इस पेशे को खुद अपनाने लगी है। महज भौतिक संसाधनों को पाने की खातिर कुछ लडकियां आज इस धंधे में उतर आई है। बंगला कार से लेकर घर में टीवी फ्रिज एसी के शौक को पुरा करने के लिये ये युवतिया जिस्मफरोशी को जल्द सफलता पाने के लिये शार्टकट तरीका भी मानती है। इसी लिये आज इस धंधे में सब से ज्यादा 16 से 20 व 22 साल की स्कूली छात्राओ की हिस्सेदारी है। इन में से केवल 20 प्रतिशत छात्राएं ही मजबूरी के तहत इस धंधे में है 80 प्रतिशत अपने मंहगे शौक को पूरा करने के लिये इस धंधे में आई हुई है।
जितेद्र पाल -( tennews.in)

Hyatt Named One of the 2016 World’s Best Multinational Workplaces by Great Place to Work® and FORTUNE

Hyatt Hotels Corporation (NYSE: H) has been named one of the 25 World’s Best Multinational Workplaces for 2016, according to global research and consulting firm Great Place to Work® and FORTUNE. Hyatt ranked No. 11 on the list, which is based on employees’ assessments of their jobs, managers, coworkers, opportunities for training and support for work/life balance, among other factors.

 
This is the third consecutive year Hyatt has received this global recognition from Great Place to Work®, following regional workplace accolades earned this year in the United States, Greater China, France, Germany, United Arab Emirates, India and the United Kingdom. In addition, this year Hyatt received the 2016 Gallup Great Workplace Award and was named by FORTUNE as one of the 100 Best Workplaces for Millennials, 30 Best Workplaces to Retire From and 100 Best Workplaces for Women.

 
“We are proud to be recognized as a top multinational workplace for a third consecutive year. We are committed to creating a work environment where our colleagues are encouraged to be themselves, which helps foster authentic and meaningful connections with each other and our guests,” said Mark Hoplamazian, President and Chief Executive Officer, Hyatt Hotels Corporation. “This recognition acknowledges all 100,000 colleagues, without whom our success would not be possible.”

 

Hyatt is consistently recognized as a leader in promoting a nurturing, positive and diverse workplace environment with policies and employee benefits that include:

  • Complimentary and discounted stays at Hyatt hotels around the world
  • Free or subsidized meals during work hours served in associate dining rooms
  • A wide variety of wellness programs and fitness activities, such as yoga, Zumba and kickboxing classes, at hotels to help associates stay energized and healthy
  • Flexible work schedules
  • Competitive wage and benefits package with paid holidays and vacation
  • A new global family assistance policy that provides employees with paid time off following the birth or adoption of a child as well as financial assistance for adoption

 
Great Place to Work® research shows the number of organizations around the world named as a Best Workplace, or that have met its minimum standard of a great workplace, have almost doubled since 2011. The figure that year was roughly 2,200 workplaces with a total of around 6.1 million employees. In 2016, the number of great workplaces has reached approximately 4,100, with an aggregate of about 6.9 million employees.

 
“These organizations are well known because their brands appear around the globe. But behind these successful brands are high-trust workplaces where the vast majority of employees feel valued, well treated and that their work makes a difference,” said Kim Peters, executive vice president, Great Place to Work®. “Congratulations to these globally great organizations!”

 

The World’s Best Multinationals ranking is part of a series of rankings by Great Place to Work® and FORTUNE. To see the full list of the World’s Best Multinationals click here. To see the schedule for all of our workplace lists and more information on how to apply, visit Great Place to Work®’s website.

 

For more information or to explore open positions at Hyatt hotels and offices around the world, please visit http://hyatt.jobs.

The term “Hyatt” is used in this release for convenience to refer to Hyatt Hotels Corporation and/or one or more of its affiliates.

About Hyatt Hotels Corporation

 
Hyatt Hotels Corporation, headquartered in Chicago, is a leading global hospitality company with a portfolio of 12 premier brands and 667 properties in 54 countries, as of June 30, 2016. The Company’s purpose to care for people so they can be their best informs its business decisions and growth strategy and is intended to create value for shareholders, build relationships with guests and attract the best colleagues in the industry. The Company’s subsidiaries develop, own, operate, manage, franchise, license or provide services to hotels, resorts, branded residences and vacation ownership properties, including under the Park Hyatt®, Grand Hyatt®, Hyatt Regency®, Hyatt®, Andaz®, Hyatt Centric™, The Unbound Collection by Hyatt™Hyatt Place®Hyatt House®, Hyatt Ziva™Hyatt Zilara™ and Hyatt Residence Club® brand names and have locations on six continents. For more information, please visit www.hyatt.com.

 
About the World’s Best Multinational Workplaces list

 
Since 2011, Great Place to Work® has identified the top organizations that create great workplaces in multiple countries in which they operate through the publication of the World’s Best Multinational Workplaces list. To be considered eligible for the multinational list, companies must meet our definition of a Multinational Company and appear on a minimum of 5 national best workplaces lists that rank organizations based on the results of their Trust Index© employee survey and Culture Audit© assessment (to qualify in the United States, we look at winners of the Fortune 100 Best Companies to Work For® list). The results of those national lists, in addition to extra points awarded for the number of countries an organization surveyed employees in, and the percentage of the company’s global workforce represented by those surveys, are combined to create a top 25 ranking.

Candidates for the list must have a minimum of 5,000 employees worldwide, and 40% of their workforce (or 5,000 employees) must be based outside of the country in which they are headquartered. Candidates for the 2016 World’s Best Multinational Workplaces list will have appeared on national workplaces lists published in the following lists: Best Workplaces in Asia 2016, Best Workplaces in Latin America 2016, Best Workplaces in Europe 2016, Best Workplaces in Canada 2016, Best Workplaces in Nigeria 2016, Best Workplaces in Brazil 2016 and Fortune Best Companies to Work For in US 2016.

 
About Great Place to Work®

Great Place to Work® is the global authority on high-trust, high-performance workplace cultures. Through proprietary assessment tools, advisory services, and certification programs, including Best Workplaces lists and workplace reviews, Great Place to Work® provides the benchmarks, framework, and expertise needed to create, sustain, and recognize outstanding workplace cultures. In the United States, Great Place to Work® produces the annual Fortune “100 Best Companies to Work For®” and a series of Great Place to Work® Best Workplaces lists, including lists for Millennials, Women, Diversity, Small and Medium Companies and over a half dozen different industries.

 
Follow Great Place to Work® online at www.greatplacetowork.com and on Twitter at @GPTW_US.

दिल्‍ली के उप-राज्‍यपाल नजीब जंग साउथ एमस ीडी के 40 स्मार्ट स्कूलों में नई सुविधाओं का शु भारंभ लाजपत नगर में करेंगे।

दिल्‍ली के उप-राज्‍यपाल नजीब जंग साउथ एमसीडी के 40 स्मार्ट स्कूलों में नई सुविधाओं का शुभारंभ लाजपत नगर में करेंगे।

समाजवादी पार्टी मे काफी उटकपटक के बाद अखि लेश सरकार से निकाले गये मंत्री शिवपाल यादव न े अब दिल्ली का रुख किया

नई दिल्ली – समाजवादी पार्टी में भारी उठापटक के बीच अखिलेश सरकार द्वारा मंत्री पद से बर्ख़ास्त किये जा चुके लेकिन वर्तमान में पार्टी के यूपी प्रदेश अध्यक्ष का पद संभाल रहे शिवपाल यादव ने दिल्ली का रुख़ कर लिया है। मंत्री पद जाने के चलते बुधवार सुबह ही प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अपना सरकारी आवास ख़ाली करने के बाद शिवपाल यादव शाम होते-होते देश की राजधानी दिल्ली पहुंचे और सबसे पहले उन्होंने चाणक्यपुरी में विनय मार्ग के यशवंत पैलेस पर स्थित यूपी सदन का रुख़ किया जहां यूपी सरकार के मंत्री ठहरते हैं। सूत्रों के मुताबिक़ मंत्री पद जाने के चलते मंत्री को मिलने वाली सारी सुविधाएं छोड़ चुके शिवपाल यादव चाणक्यपुरी में सरदार पटेल मार्ग पर स्थित यूपी भवन जाना चाहते थे लेकिन यूपी सदन पहुंचने के बाद शिवपाल यादव को पता चला कि वो ग़लती से यूपी भवन की जगह यूपी सदन आ गये हैं। दरअसल, राजधानी दिल्ली में यूपी सरकार के 2 महत्वपूर्ण गेस्ट हाऊज़ हैं जिनको यूपी भवन और यूपी सदन का नाम दिया गया है। यूपी भवन में यूपी के तमाम विधायक जबकि यूपी सदन में सिर्फ यूपी सरकार के मंत्री ठहर सकते हैं। आपको बता दें कि इन 2 के अलावा दिल्ली के ओखला में सिंचाई विभाग का गेस्ट हाऊज़ भी है और मंत्री पद पर रहने के दौरान शिवपाल यादव वहीं ठहरते थे। बुधवार को जब शिवपाल दिल्ली आये तो इस बार वो मंत्री नहीं थे तो उन्होंने एक आम विधायक के तौर पर विधायकों के लिये आवंटित यूपी भवन में ठहरने का प्लान बनाया लेकिन ग़लती से वो मंत्रियों के लिये आवंटित यूपी सदन ही पहुंच गये। शाम 4 बजे यूपी सदन पहुंचे शिवपाल यादव सिर्फ 5 मिनट ही यूपी सदन में ठहरे और फिर वो वहां से भी निकल गये। यूपी सदन से निकलकर शिवपाल यादव कहां गये ये साफ तौर पर तो किसी को नहीं पता लेकिन सूत्रों के मुताबिक़ शिवपाल यादव यूपी सदन से सीधे दिल्ली में अमर सिंह के घर पहुंचे और वहां से उन्होंने 5 नवंबर को लखनऊ में आयोजित समाजवादी पार्टी के रजत जयंती समारोह को लेकर कुछ लोगों को फोन किया और उन्हें कार्यक्रम में आने के लिये आमंत्रित किया। सूत्रों के मुताबिक़ शिवपाल यादव ने समाजवादी पार्टी के रजत जयंती समारोह में शामिल होने के लिये बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव, आरएलडी अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह इत्यादि को फोन कर समाजवादी पार्टी के इस ड्रीम कार्यक्रम में शामिल होने का निमंत्रण दिया। सूत्रों के मुताबिक़ इस बीच आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर महागठबंधन बनाने की भी चर्चा हुई लेकिन शिवपाल यादव को ज़रूरी काम से वापस लखनऊ जाना था तो शिवपाल ने इसके लिये गुरुवार का दिन तय किया और रात 9 बजे वापस लखनऊ निकल गये। शिवपाल यादव के जाने के बाद एक बार फिर लखनऊ से शिवपाल यादव का कार्यक्रम आया है और गुरुवार सुबह वो एक बार फिर दिल्ली में होंगे लेकिन इस बार वो हेलिकॉप्टर से आयेंगे और दिल्ली के नज़दीक ग़ाज़ियाबाद की पुलिस लाइन में उनका हेलिकॉप्टर उतरेगा जिसके बाद वो सड़क मार्ग से दिल्ली पहुंचेंगे और महागठबंधन बनाने को लेकर आयोजित बैठक में शामिल होकर समाजवादी पार्टी का पक्ष रखेंगे। सूत्रों के मुताबिक़ इस बैठक में शिवपाल यादव के अलावा जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव, जेडीयू के राष्ट्रीय महासचिव के•सी त्यागी, आरएलडी अध्यक्ष चौधरी अजित सिंह शामिल होंगे और महागठबंधन को लेकर चर्चा करेंगे। इस बैठक में कांग्रेस पार्टी से भी किसी चेहरे के आने की उम्मीद है। समाजवादी पार्टी की तरफ से शिवपाल यादव के साथ उनके बेटे आदित्य यादव भी मौजूद रहेंगे।

जितेद्र पाल -( tennews.in)