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पुरे देश में 4 सीटों पर चले रहे हैं उपचुनाव, दिल्ली के बवाना उपचुनाव पर टिकी हैं सबकी निगा हें

देश के 3 राज्यों में 4 विधानसभा सीटों पर आज उपचुनाव हो रहे हैं | दरसल चार सीटों में दो सीटों पर पूरे देश की नजर रहेगी | इनमें दिल्ली की बवाना और गोवा की पणजी सीट शामिल है | साथ ही आज आंध्र प्रदेश में नंदयाल, गोवा में पणजी व वालपोई और दिल्ली में बवाना विधानसभा सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं | 2 बजे तक दिल्ली की बवाना सीट पर लगभग 38 फीसदी वोट डाले जा चुके हैं, इन उपचुनावों के नतीजे 28 अगस्त को आएंगे | .

सभी पार्टी की बवाना पर निगाहें
दिल्ली की बवाना विधानसभा सीट पर उपचुनाव में सीधे तौर पर आम आदमी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी के बीच टक्कर है | आम आदमी पार्टी के विधायक वेद प्रकाश के इस्तीफे के बाद यह सीट खाली हुई थी | वेद प्रकाश अब बीजेपी में शामिल हो गए हैं. जिसके बाद इस विधानसभा सभा सीट पर आप पार्टी ने रामचंद्र को मैदान में उतारा है, वहीं कांग्रेस की ओर से सुरेंद्र कुमार चुनाव लड़ रहे हैं |हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव और निगम चुनावों में आम आदमी पार्टी के लिए उम्मीदों के मुताबिक नतीजे नहीं आ पाए थे. आप इस चुनाव के जरिए एक बार फिर वापसी की उम्मीद करेगी.

3 तलाक खत्म, असवैधानिक करार दिया सुप्रीम क ोर्ट

नई दिल्ली बेहद लम्बे समय से प्रतीक्षित तीन तलाक मुद्दे पर आखिर में माननीय उच्चतम न्यायालय का फैसला आ ही गया ही गया . वो फैसला जो कई महिलाओं के जीवन से जुड़ा था . वो फैसला जो मानवता के हित से जुड़ा था .. उस पर बेहद संजीदगी और संतुलन दिखते हुए भारत की उच्चतम न्यायालय ने आखिर में अपना बहुपतीक्षित फैसला दे ही दिया ..

कांग्रेस के नामी वकील कपिल सिब्बल के लाख प्रयासों के बाद भी आखिर में सुप्रीम कोर्ट ने सीधे सीधे मोदी सरकार को आदेश दिया है कि वो मात्र ६ माह में एक कडा कानून इस प्रथा को खत्म करने के लिए बनाएं जिसमे मात्र ३ शब्दों में किसी की जिंदगी तबाह होने के कगार पर आ जाती है . साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने इस तीन तलाक को ६ माह के लिए निरस्त कर दिया है .

भाजपा सरकार के वकील का इस मामले में सीधा रुख था कि ये तीन तलाक प्रथा मुस्लिम महिलाओं के लिए एक बेहद ही एकपक्षीय पीड़ा देने वाली प्रथा है जिस पर फ़ौरन रोक लगे जिसका कांग्रेस पार्टी के नामी वकील कपिल सिब्बल ने व्यापक विरोध किया पर अंततः तमाम महिलाओं के जीवन को ध्यान में रखते हुए माननीय न्यायालय ने सरकार की व् पीड़िताओं की दलील को स्वीकार किया और ६ माह के लिए तीन तलाक को निरस्त करते हुए मोदी सरकार से इस के खिलाफ जल्द से जल्द कठोर क़ानून लाने की मांग की है

बक्सर के डीएम मुकेश पांडये ने की ग़ाज़ियाबाद में खुदखुशी

गाज़ियाबाद – बक्सर के जिलाधिकारी मुकेश पांडेय ने गुरुवार शाम को यूपी के गाजियाबाद में आत्महत्या कर ली। 2012 बैच के आईएएस मुकेश पांडेय का शव गाजियाबाद स्टेशन से एक किलोमीटर दूर कोटगांव के पास रेलवे ट्रैक पर कटा हुआ मिला। गाजियाबाद के एसएसपी एचएन सिंह ने शव मिलने की पुष्टि की है। शव का पोस्टमार्टम शुक्रवार को किया जाएगा।
मूल रूप से बिहार के सारण जिले के निवासी मुकेश पांडेय गुरुवार सुबह ही बक्सर के उपविकास आयुक्त मोबिन अली अंसारी को प्रभार सौंप दिल्ली गए थे। वे लीला पैलेस होटल में ठहरे थे। पिछले दिनों ही बक्सर डीएम के तौर पर पदस्थापित किए गए थे। बक्सर में पदस्थापना से पहले वे कटिहार में डीडीसी थे।

पांडेय ने आत्महत्या से पहले शाम 6 बजे घरवालों को वाट्सएप किया था कि वे दिल्ली की एक इमारत से छलांग लगा आत्महत्या करने जा रहे हैं। घरवालों ने तुरंत दिल्ली पुलिस को जानकारी दी। दिल्ली पुलिस जब तक कुछ कर पाती पांडेय गाजियाबाद चले गए और ट्रेन से कटकर जान दे दी। दिल्ली पुलिस के सूत्रों के अनुसार मुकेश पांडेय ने वाट्सएप के जरिये घर में यह संदेश भेजा था कि मैं अपनी जिंदगी से तंग आकर आत्महत्या करने जा रहा हूं। मेरा अच्छाई पर से विश्वास उठ गया है। संदेश में उन्होंने कहा था कि मैं दिल्ली के जनकपुरी स्थित डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल मॉल की दसवीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या करने जा रहा हूं। मेरा सुसाइड नोट दिल्ली के लीला पैलेस होटल के कमरा नंबर 742 में मेरे बैग में रखा हुआ है। मुझे माफ कर दें। मैं आप सबको बहुत प्यार करता हूं।
पुलिस को मुकेश पांडेय की लाश गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से 200 मीटर आगे यार्ड में रेलवे ट्रैक पर मिली। उनकी जेब से पर्स और सुसाइड नोट बरामद हुआ। डीसीपी विजय कुमार ने बताया कि मुकेश पांडेय के साथियों का फोन शाम करीब साढ़े छह बजे आया। पुलिस तुरंत डिस्ट्रिक्ट सेंट्रल मॉल पहुंची लेकिन वहां ऐसी किसी तरह की घटना की जानकारी नहीं मिली। एक सीसीटीवी फुटेज देखने से पता चला कि मुकेश पांडेय शाम 5:55 बजे मॉल से बाहर जा रहे थे। अन्य सीसीटीवी फुटेज में मेट्रो स्टेशन की तरफ जाते दिखे। डीसीपी ने बताया कि हमने मेट्रो का भी सीसीटीवी फुटेज चेक किया लेकिन उसमें वे नहीं दिखे। रात करीब 9 बजे हमें जानकारी मिली कि मुकेश पांडेय का शव गाजियाबाद इलाके में मिला है।

Proactive approach on Kashmir will pay dividends

किस्सा-ए-जम्मू-काश्मीर

कुछ लोग ( खास कर कांग्रेस) ये कह के मोदी सरकार की आलोचना करते हैं कि जब से मोदी PM हुए हैं , काश्मीर में हालात बेकाबू हो गए हैं ।

पहले तो ये जान लीजिए कि पहले हालात पे काबू कैसे रखा जाता था?

पहले Status Quo maintain किया जाता था। तुम हमको मत छेड़ो हम तुमको नही छेड़ेंगे। तुम भी ऐश करो और हमको भी करने दो।

अलगाववादी नेता ( हुर्रियत ) भारत सरकार की बांह मरोड़ के सीधे सीधे Blackmailing कर पैसे वसूलते थे। पैसे दो नही तो हम आगजनी , हड़ताल , पत्थरबाजी और आतंकी हमले करेंगे।

भारत सरकार बाकायदे वैधानिक तरीके से हज़ारों करोड़ के package काश्मीर को देती जिसे ये डाकू मिल के हज़म कर जाते। ये तो होता था वैधानिक पैकेज।

इसके अलावा अलगाववादी हुर्रियत नेताओं को under the table सैकड़ों करोड़ रु सालाना दिए जाते थे और बदले में शांति खरीदी जाती थी। और ये आतंकी हमारे आपके Tax Payer के पैसे पे ऐश अय्याशियाँ करते थे।

PDP के साथ BJP की साझा सरकार बन जाने से , BJP की सत्ता में भागीदारी से काश्मीर के आर्थिक package की लूट और बंदरबांट काफी हद तक रुक गयी है।

मोदी के आने के बाद निज़ाम बदला। शुरुआत बुरहान वानी के encounter से हुई। तब से अब तक 124 बुरहान कुत्ते की तरह घसीट के मार दिए गए और लगभग 150 के करीब बाकी है , रोज़ाना 2 – 4 मारे जा रहे हैं।

भारत सरकार का संकल्प है कि दिसंबर से पहले काश्मीर से आतंकी साफ कर देने है। कोशिश में कमी नही नही बाकी परिणाम ईश्वर के हाथ में है।

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NIA ने हुर्रियत की funding और हवाला रैकेट की जांच में कई नेता उठा लिए हैं और दिल्ली ले गयी है । कश्मीरी दिल्ली के नाम से हड़कता है। इस से पहले किसी हुर्रियत नेता को ज़्यादा से ज़्यादा नज़रबंद किया जाता था और श्रीनगर के निशात बाग के Resorts में पूरी ऐशो अय्याशी का इंतज़ाम होता था।

आज NIA ने हुर्रियत और उनके हवाला operators को दिल्ली में उलटा टांग रखा है। इसके बाद उनका तिहाड़ जाना निश्चित है।

काश्मीर में आम धारणा है कि जो एक बार तिहाड़ गया उसकी तो लाश भी वापस नही आई।

गिलानी और उसके दोनों बेटों पे तलवार लटकी हुई है । इनकी बेनामी संपत्तियों की जांच चल रही है। भारत सरकार बेरहमी से इनपे टूट पड़ी है।

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भारत सरकार आज काश्मीर में Proactive हो के काम कर रही है। आगे बढ़ के मार रही है। घर मे घुस के मार रही है।

जब आप proactive होंगे तो सामने वाले को प्रतिक्रिया देना मजबूरी है। आज काश्मीर में जो पत्थरबाजी और आतंकी गतिविधि है वो इसी Proactive approach के कारण है ।

नाली में घुस के साफ करो तो बदबू तो उठेगी ही। पर इसके बाद सब साफ हो जाएगा ।

उम्मीद की किरण मत छोड़िये।

GUJRAT RAJYA SABHA ELECTION – NCP VOTES UNCERTAIN ?

गुजरात राज्यसभा चुनाव: एनसीपी ने भी कांग्रेस का साथ छोड़ा।

अहमदाबाद: कांग्रेस के दिन खराब चल रहे हैं. पिछले कई चुनावों में हर का मुंह देखने के बाद अब राज्यसभा चुनावों में भी उनके लिए बुरी खबर आ रही है. दरअसल शरद पवार की पार्टी एनसीपी के ताजा बयान में कहा गया है कि वह किसी की सहयोगी नहीं है. बता दें, गुजरात के राज्यसभा चुनावों में सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल मैदान में हैं. विधायकों के बगावती तेवर झेल रही कांग्रेस को पुराने सहयोगी एनसीपी पर भरोसा था. पर अब पार्टी मझदार में है. एनसीपी के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि उनकी पार्टी ने गुजरात में आठ अगस्त को होने वाले राज्यसभा चुनावों के लिए अभी तक किसी दल को समर्थन देने के बारे में निर्णय नहीं किया है. शरद पवार की पार्टी का राज्य में 2012 के विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन था और वर्तमान में उसके दो विधायक – कांधल जडेजा और जयंत पटेल हैं. दोनों विधायकों ने कहा था कि राष्ट्रपति चुनावों में उन्होंने विपक्ष की संयुक्त उम्मीदवार मीरा कुमार को वोट दिया. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल पांचवीं बार गुजरात से राज्यसभा में जाने के लिए प्रयासरत हैं.